Home » सौर ऊर्जा से खेती कर किसान और उपभोक्ता बन सकते हैं ऊर्जा उत्पादक – स्कूल शिक्षा मंत्री यादव

सौर ऊर्जा से खेती कर किसान और उपभोक्ता बन सकते हैं ऊर्जा उत्पादक – स्कूल शिक्षा मंत्री यादव

by Bhupendra Sahu

सौर ऊर्जा से खेती कर किसान और उपभोक्ता बन सकते हैं ऊर्जा उत्पादक – स्कूल शिक्षा मंत्री यादव

मंत्री श्री यादव पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना की कार्यशाला में हुए शामिल

दुर्ग राज्य शासन के निर्देशानुसार 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले सेवा पखवाड़ा अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) दुर्ग क्षेत्र द्वारा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना पर आज दुर्ग के वृन्दावन होटल में एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और किसानों के बीच इन योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ाना था, ताकि वे सौर उर्जा का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सके।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने योजनाओं की महत्ता को बताते हुए आम नागरिकों, किसानों, ऊर्जा उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम एवं संौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप जैसी पहलों के लिए प्रोत्साहित किया। मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि एवं भारत देश के नागरिकों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा स्वच्छ एवं सस्ती हरित बिजली उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ फरवरी 2024 में किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत आवासीय भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता न सिर्फ अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन करके उसे ग्रिड में बेचकर आर्थिक लाभ भी कमा सकते हैं। मंत्री ने कहा अब देश के नागरिक उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। देश का हर नागरिक ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने और पर्यावरण संरक्षण में भागीदार बने। मंत्री श्री यादव ने किसानों के हित में चल रही पीएम-कुसुम योजना की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना विशेष रूप से किसानों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिससे वे बिजली से चलने वाले पंपों की जगह सोलर पंप का उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा जो किसान परंपरागत खेती के लिए ट्यूबवेल आदि का उपयोग करते हैं, वे अब सौर ऊर्जा के माध्यम से खेती कर सकते हैं। यह न केवल उनके खर्चों को घटाएगा, बल्कि उन्हें ऊर्जा उत्पादक भी बनाएगा।

सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाई गई हर योजना जनहित और राष्ट्रहित की मूल भावना से प्रेरित होती है। श्री बघेल ने कहा कि जहां एक ओर कृषि भूमि का दायरा घट रहा है, तो वहीं जनसंख्या में तीव्र वृद्धि हो रही है। इसके परिणामस्वरूप देश प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे समय में प्राकृतिक ऊर्जा स्रोत, विशेष रूप से सौर ऊर्जा, एक स्थायी समाधान बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा भगवान सूर्य से प्राप्त ऊर्जा असीम है, प्रधानमंत्री मोदी ने इस शक्ति को पहचाना और इसी को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं से हमें मुफ्त बिजली भी मिलेगी और आमदनी भी बढेगी। इस दौरान सांसद श्री विजय बघेल ने सूर्य रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

विधायक श्री ललित चंद्राकर ने कहा कि भारत आज ग्रीन (हरित) ऊर्जा की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है और इसका श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है, जिन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में दूरदृष्टि का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री मोदी जिस तरह से सूर्य की शक्ति को ऊर्जा में बदलने पर जोर दे रहे हैं, उसका देशभर में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। आज देश के हजारों लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली के उत्पादक और उपभोक्ता दोनों बन चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री बघेल एवं विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने पीएम सूर्यघर योजना के 10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और पीएम कुसुम योजना के 08 लाभार्थियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। यह सम्मान इन योजनाओं के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया गया। इसके उपरांत जीआईजेड इंडिया के प्रतिनिधि प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री निलांजन घोष द्वारा प्रतिभागियों को योजनाओं से जुड़ी तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही प्रश्न-उत्तर का भी आयोजन किया गया, जिससे लाभार्थियों और इच्छुक लोगों को अपने संदेह दूर करने का अवसर मिला। यह कार्यशाला पीएम कुसुम और पीएम सूर्यघर योजनाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

इस अवसर पर सीएसपीडीसीएल निदेशक श्री आर.ए. पाठक, कार्यपालक निदेशक श्री एस. के. गजपाल, कार्यपालक निदेशक राजनांदगांव श्री शिरीष शैलेट, मुख्य अभियंता श्री संजय खंडेवाल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री एच. के. मेश्राम, अधीक्षण अभियंता आर एंड पीएम नागार्जुन बिम्बिसार, अधीक्षण अभियंता श्री एस मनोज, श्री आर के मिश्रा एवं श्री जे जगन्नाथ प्रसाद एवं विद्युत विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सहित जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित हुए।

समाचार क्र- 41/2025

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More