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जयपुर के एसएमएस स्टेडियम को बम से उड़ाने की फिर मिली धमकी, सुरक्षा बढ़ाई

by Bhupendra Sahu

जयपुर । राजस्थान के जयपुर शहर के प्रतिष्ठित सवाई मानसिंह (स्रूस्) स्टेडियम को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार को खेल परिषद के ईमेल पर एक संदिग्ध संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा था कि ऑपरेशन सिंदूर के सफल होने के बाद अब सवाई मानसिंह स्टेडियम को बम से उड़ाया जाएगा। यह धमकी एक ऐसी स्थिति में आई है जब देशभर में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता का माहौल है, और विशेष रूप से जयपुर में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। धमकी के बाद त्वरित कार्रवाई
धमकी प्राप्त होते ही खेल परिषद के अधिकारियों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया। इसके बाद पुलिस, क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम), बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने स्रूस् स्टेडियम की ओर रुख किया। स्टेडियम को पूरी तरह से खाली कर दिया गया और उसकी गहन तलाशी ली गई। पुलिस ने स्टेडियम के आसपास के इलाके और बिल्डिंग की भी सर्चिंग की, लेकिन अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं पाई गई है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से, स्रूस् स्टेडियम को पूरी तरह से सील कर दिया गया है, और एंट्री पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। पुलिस विभाग इस धमकी के पीछे की शख्सियत की पहचान करने में जुटा है। साइबर टीम को भी इस मामले में अलर्ट किया गया है, ताकि ईमेल भेजने वाले के बारे में जल्द से जल्द जानकारी जुटाई जा सके।
पिछले कुछ दिनों में कई धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब स्रूस् स्टेडियम को धमकी मिली है। 8 मई को भी खेल परिषद के अधिकारियों को एक ऐसे ही ईमेल के जरिए धमकी मिली थी, जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर के सफल होने के बाद अब स्रूस् स्टेडियम को बम से उड़ाया जाएगा। उस दिन भी स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों की तलाशी ली गई थी, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी।
इसके अलावा, 9 मई को जयपुर मेट्रो स्टेशन और उसकी ट्रेनों को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। मेट्रो की ईमेल आईडी पर एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के सफल होने के बाद मेट्रो को निशाना बनाने की बात की गई थी। इस धमकी के बाद मेट्रो स्टेशन और ट्रेन सेवाओं की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया था, लेकिन जांच में भी कुछ नहीं पाया गया था।
आतंकी गतिविधियों के संदर्भ में चिंताएं
हालांकि, इन धमकियों के अधिकांश मामलों में कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया, फिर भी इन घटनाओं से यह साफ हो गया है कि आतंकी और असमाजिक तत्वों द्वारा समाज में भय और असुरक्षा फैलाने की कोशिशें की जा रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और फिर इसके बाद की धमकियां किसी बड़े आतंकी नेटवर्क की सक्रियता का संकेत हो सकती हैं। सुरक्षा बलों को इस प्रकार के खतरों से निपटने के लिए और भी अधिक सतर्क रहना होगा।
जयपुर के स्रूस् स्टेडियम और अन्य प्रमुख स्थानों पर लगातार मिल रही धमकियों के कारण स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अब और भी अधिक सतर्क हो गई हैं। आगामी दिनों में इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा उपायों को और भी कड़ा किया जा सकता है।
सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत
इस तरह की धमकियों के बावजूद, अब तक की जांच में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटना यह दिखाती है कि देश में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं और निरंतर संभावित खतरे के संकेत मिल रहे हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां जल्द से जल्द इन धमकियों के स्रोत की पहचान कर इस पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
सभी संबंधित अधिकारियों और नागरिकों से यह अपील की जाती है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत सूचित करें और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सतर्क रहें।
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