नई दिल्ली । देश में महंगाई की मार झेल रही आम जनता को जल्द ही एक और बड़ा झटका लगने वाला है। शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये के इजाफे के बाद अब आगे भी राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ ही हफ्तों में पेट्रोल और डीजल के दामों में 10-10 रुपये प्रति लीटर तक की भारी बढ़ोतरी की जा सकती है। तेल कंपनियों की ओर से यह फैसला उनके लगातार बढ़ रहे घाटे की भरपाई के लिए लिया जा सकता है।
दो से तीन हफ्तों में बढ़ सकती हैं कीमतें
एमके ग्लोबल (श्वद्वद्मड्ड4 त्रद्यशड्ढड्डद्य) ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में दावा किया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को मौजूदा घाटे से उबारने और उसे व्यवस्थित करने के लिए कीमतों में 10-10 रुपये का इजाफा करना लगभग तय है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि तेल के दामों में यह बड़ी बढ़ोतरी या तो एकमुश्त की जा सकती है, या फिर इसे अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर लागू किया जा सकता है।
महंगाई दर में भी उछाल आने की आशंका
लगातार बढ़ रही इन कीमतों का सीधा असर आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर पडऩे वाला है। पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ घरेलू गैस सिलेंडर और दूध की कीमतों में हुई हालिया बढ़ोतरी के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई दर में 0.42 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। प्रमुख अर्थशास्त्रियों ने भी इस बात की प्रबल आशंका जताई है कि ईंधन के महंगे होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, जिससे रोजमर्रा की हर जरूरी चीज महंगी हो जाएगी।
हर लीटर पर 18 रुपये का नुकसान झेल रही कंपनियां
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को एक लीटर पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर 17 से 18 रुपये तक का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब केंद्र सरकार ने इसी साल मार्च के महीने में उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10-10 रुपये की कटौती कर राहत देने की कोशिश की थी। जानकारों का मानना है कि अगर जल्द ही कीमतों में पर्याप्त इजाफा नहीं किया गया, तो तेल कंपनियों को चालू तिमाही में 57,000 करोड़ रुपये से लेकर 58,000 करोड़ रुपये तक का तगड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
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