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जीएसटी बूस्टर: वैश्विक दबावों के बीच शेयर बाजार ने दिखाई मजबूती

by Bhupendra Sahu

मुंबई। घरेलू शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत उत्साहजनक संकेतों के साथ की. विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी युक्तिकरण, सरकारी सुधारों और एसएंडपी की संप्रभु रेटिंग अपग्रेड ने निवेशकों में भरोसा बढ़ाया. विश्लेषकों के अनुसार, इन कदमों ने भारत की दोहरी रणनीति को मजबूत किया है – एक ओर घरेलू विकास को गति देना और दूसरी ओर बाहरी चुनौतियों का असर कम करना.
सप्ताह की शुरुआत में विनो डॉव इंडेक्स ने 900 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ एक नया इंट्रा-डे रिकॉर्ड बनाया. बाजार में यह तेजी जीएसटी सुधारों और सरकार की सक्रिय नीतियों से जुड़ी उम्मीदों पर आधारित रही. अर्थशास्त्री अर्श मोगरे ने कहा कि भारतीय नीति निर्माताओं ने $20 बिलियन के जीएसटी-आधारित उपभोग प्रोत्साहन और आधुनिक आयकर अधिनियम का खाका पेश किया है. इससे न केवल कर अनुपालन आसान होगा बल्कि घरेलू मांग भी मजबूत होगी. उम्मीद है कि इन कदमों से सकल घरेलू उत्पाद में 0.6 प्रतिशत तक की अतिरिक्त वृद्धि होगी.
एसएंडपी द्वारा भारत की रेटिंग अपग्रेड किए जाने से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा. विश्लेषकों का कहना है कि यह अपग्रेड भारत की नीतिगत विश्वसनीयता और वित्तीय स्थिरता का प्रमाण है.
हालांकि, सप्ताह के अंत तक बाजार की तेजी थम गई. लाभ बुकिंग और वैश्विक बाधाओं के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया.
10 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने बाजार की चिंता बढ़ाई, क्योंकि इससे राजकोषीय स्थिति पर दबाव का संकेत मिला.
आरबीआई ने संकेत दिया है कि वह 4 प्रतिशत मुद्रास्फीति लक्ष्य पर कायम है और मौद्रिक नीति में निरंतरता बनाए रखेगा. विश्लेषकों के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 6.5-6.7 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद बनी हुई है. हालांकि, अमेरिकी मौद्रिक नीतियों और व्यापार घर्षण जैसी बाहरी चुनौतियां अब भी जोखिम पैदा कर सकती हैं.
कुल मिलाकर, बाजार का मूड इस समय सक्रिय राजकोषीय समर्थन, सुधारों और नीति स्थिरता पर टिका है. अनुकूल मानसून, ब्याज दरों में नरमी और अप्रत्यक्ष कर राहत से उपभोग क्षेत्र को बड़ा लाभ होने की संभावना है.
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