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किसानों के योगदान से ही 2047 में विकसित राष्ट्र बनेगा भारत: धनखड़

by Bhupendra Sahu

रुद्रपुर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि कृषकों के योगदान से ही भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों की ब्रॉडिंग और पैकेजिंग कर संगठित बाजार और क्लस्टरों से जुडऩा होगा। जिससे वह अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में किसान अपने को तकनीकी रूप से आगे बढ़ाएं। गुरुवार को कैंची धाम के दर्शन कर उपराष्ट्रपति पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उत्तराखण्ड के राज्यपाल और जीबी पंत विवि के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति राई भवन पहुंचे और पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ चंदन का पौधा का रोपा।
जीबी पंत विवि में मीडिया कर्मियों से बातचीत में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में किसानों को अपना योगदान देना है तो किसानों को तीन बातों के लिए वचनबद्ध होना पड़ेगा। किसानों को कृषि के साथ ही कृषि उद्योगों से जुडऩा होगा। किसान अपना उत्पाद तुरंत बेच देते हैं। इससे उनको उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पता है और उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने इसलिए ज्यादा से ज्यादा फायदा लेने के लिए वेयर हाउसिंग बनाने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि यह देखा जाता है कि किसान दूध और छाछ तक ही सीमित रहता है। अब समय आ गया है कि दूध से आइस क्रीम, पनीर व सभी प्रकार के दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचें। उन्होंने कहा कि किसानों को आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों की ब्रॉडिंग, पैकेजिंग कर संगठित बाजार और क्लस्टरों से जुडऩा होगा ताकि वह अधिक से अधिक लाभ उठा सकें।
उप राष्ट्रपति ने नाहेप भवन में लगाए गए कृषि उत्पाद स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि संग्रहालय का भ्रमण किया। उनका वैज्ञानिकों के साथ संवाद का कार्यक्रम था, जिसे अंतिम समय में रद्द कर दिया गया। दौरा पूरा होने के बाद वह बरेली केा रवाना हो गए।
कृषि संग्रहालय का भ्रमण किया : उप राष्ट्रपति ने नाहेप भवन में लगाए गए कृषि उत्पाद स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि संग्रहालय का भ्रमण किया। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पंतनगर विवि के कृषि संग्रहालय का भ्रमण कर विवि के छह दशक की पूरी गाथा जानी और विवि की स्थापना, हरित क्रांति को इतिहास से जुड़ी तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से जाना। कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. शिवेंद्र कुमार ने उप राष्ट्रपति को संग्रहालय की विशेषताएं बताई। संग्रहालय देख उप राष्ट्रपति काफी प्रभावित हुए। उप राष्ट्रपति ने संग्रहालय की तारीफ की।
यह लोग रहे मौजूद: विवि के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, जिलाधिकारी उदयराज सिंह, एसएसपी मंजूनाथ टीसी, सीडीओ मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक क्राइम चंद्रशेखर घोड़के, अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी, उपजिलाधिकारी मनीष बिष्ट, कौस्तुभ मिश्र, रविन्द्र जुवांठा, गौरव पांडे, नगर उपायुक्त शिप्रा जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, शोध निदेशक डॉ. अजीत सिंह नैन, सीजीएम फार्म डॉ. जयंत सिंह आदि मौजूद थे।
शोध के बारे में उपराष्ट्रपति को दी जानकारियां: उपराष्ट्रपति और उनकी पत्नी को जीबी पंत विवि के यूनिवर्सिटी सेंटर में निदेशक शोध डा. एएस नैन ने विश्वविद्यालय के शोध केन्द्रों पर चल रहे शोध से प्राप्त विभिन्न उत्पादों की जानकारी दी। इस दौरान उन्नत बीजों, शहद एवं उनके मूल्यवर्धित उत्पाद, मशरूम तथा अधिष्ठात्री सामुदायिक विज्ञान डा. अल्का गोयल द्वारा बर्नयार्ड मिलेट से बने मूल्यवर्धित उत्पाद और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गोबर से निर्मित उत्पाद एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सामग्री से बने उपयोगी उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन कराया गया।
कृषक पुत्र के रूप में निभानी है भूमिका : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने राज्य सभा में उनको कृषक पुत्र के रूप में पहचान दिलायी और उन्हें कृषक पुत्र के रूप में पूरी भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी रूप से आगे बढऩे की आवश्कता है। किसान के देश की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में और अधिक योगदान देने के लिए किसान को अपने उत्पाद के लिए व्यवसाय के रूप में जुडऩा होगा।
एयरपोर्ट से लेकर विवि तक थी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था : उपराष्ट्रपति के पंतनगर आमगन को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी। इस दौरान पंतनगर एयरपोर्ट से लेकर जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। उपराष्ट्रपति के सुरक्षा घेरे के साथ ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी यहां मौजूद रहे। सुबह से ही उपराष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। कड़ी सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए थे।
उप राष्ट्रपति के विश्वविद्यालय के प्रथम भ्रमण को सफल बनाने को सभी को धन्यवाद देता हूं। उपराष्ट्रपति का आगमन विश्वविद्यालय में बहुत ही सुखद है। इससे हमारे वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ेगा और हमारे शोध एवं शिक्षण कार्य में वृद्धि होगी। – डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, कुलपति पंत विश्वविद्यालय
एक वर्ष से कम समय में भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का विश्वविद्यालय में आगमन एक गौरव का विषय है। जो की कुलाधिपति एवं कुलपति के अथक प्रयासों से संभव हो सका है द्य -डॉ. जेपी जायसवाल, संचार निदेशक जीबी पंत विश्वविद्यालय
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