रायपुर न्यायमूर्ति श्री अभय मनोहर सप्रे, अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की अध्यक्षता में तथा मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की मौजूदगी में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में सड़क सुरक्षा के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सड़क सुरक्षा परिदृश्य के संबंध में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने छत्तीसगढ़ राज्य को सड़क सुरक्षा के मामले में आदर्श राज्य बनने की बात कही। देश में प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं को उन्होंने चिंताजनक बताया। उन्होंने अधिकारियों को सुगम यातायात प्रबंधन के संबंध में सभी जरूरी कार्य करने कहा है।
बैठक में न्यायमूर्ति श्री सप्रे ने देश में प्रतिदिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मृत्यु पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं नहीं हो इसके लिए समुचित प्रयास किए जाने चाहिए। जापान, जर्मनी, चीन इत्यादि देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों में लाखों सड़क दुर्घटनाएं होने के बावजूद मरने वालों की संख्या बहुत कम होती है। इन देशों की सुगम यातायात प्रबंधन संबंधी अपनाये गये तरीकों का अनुशरण करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि कॉमन मेन की पीड़ा को हमें समझना होगा। जिस परिवार के सदस्य की मृत्यु सड़क दुर्घटना में होती है, इसकी पीड़ा को वही परिवार समझ सकता है। उन्होंने कहा कि ट्रक, बस, कार, बाईक, ई-रिक्शा के चालक यातायात के नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं। कभी भी तेज रफ्तार, शराब सेवन कर वाहन ना चलायें। उन्होंने बाईक चलाते समय हेलमेट एवं कार चलाते समय सीटबेल्ट लगाने पर जोर देते हुए इसे व्यवहार में भी अपनाने की बात कही।
छत्तीसगढ़ राज्य में स्कूली पाठ्यक्रम में सड़क सुरक्षा संबंधी पाठ्यक्रम को शामिल करने को एक अच्छा कदम बताया। शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रदेश में सड़क सुरक्षा संबंधी किये जा रहे सुगम यातायात एवं जन-जागरूकता संबंधी संपादित कार्याे पर संतोष व्यक्त किया। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रदेश में किये जा रहे उत्साहजनक कार्याे को सतत् रूप से जारी रखने तथा संबंधित विभागीय कार्याे को उच्च प्राथमिकता के साथ कराने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य के विभिन्न विभागों द्वारा सड़क दुर्घनाओं के रोकथाम के लिये किये गये उपचारात्मक एवं संपादित कार्याे की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि अधिकारी अपनी आत्म संतुष्टि के लिये भी सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य संपादित करें। न्यायमूर्ति ने सड़क सुरक्षा संबंधी विभागवार संपादित कार्याे की समीक्षा के दौरान ब्लैक स्पॉट्स एवं जंक्शन में तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही समय-सीमा के भीतर करने के निर्देश दिये हैं।