कहा- हिंसा में मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख व नौकरी मिलेगी
कोलकाता । बंगाल के पंचायत चुनाव में देखा जाए तो तृणमूल ने एक तरह से एकक्षत्र कब्जा किया है। आज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीमार रहने के लगभग 15 दिन बाद राज्य सचिवालय नवान्न पहुंची थीं। उन्होंने यहां आज ने दोपहर कहा कि, प्रशासन ने चुनाव की जिम्मेदारी 90 प्रतिशत अच्छे से निर्वाह किया है। सीएम ममता ने कहा कि मतगणना के बाद भी भांगड़ में जिस तरह से भीड़ उमड़ी, वह नहीं होती तो बेहतर होता। लेकिन जो हुआ उसके लिे कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने कहा, हालांकि, चुनाव में जो हिंसा हुई, उसे देखते हुए मैं आने वाले दिनों में उसे रोकने की कोशिश करूंगी। हम प्रशासनिक तौर पर 90 फीसदी सफल रहें तो 10 फीसदी असफल। सीएम ममता ने उपरोक्त दौरान हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों के लिए दो-दो लाख रुपए की अनुदान राशि व नौकरी का भी ऐलान किया। ममता बनर्जी ने कहा कि, पंचायत चुनाव ख़त्म हो चुके हैं। यदि मैंने सचमुच कोई अपराध किया है तो लोग मुझे जो दंड देंगे, मैं उसे सिर आंखों पर लूंगी।
अहंकार किसी राजनीतिक दल की परिपाटी नहीं हो सकती।याद रखें जब आपको लोगों का आशीर्वाद-शुभकामनाएं-प्रार्थना हो तो आपकों और अधिक विनम्र होना होगा। सीएम ने आगे कहा कि, जब तक मैं विपक्ष में थी, मुझे केवल पीटा ही नहीं गया बरन अपमानित भी किया गया। लेकिन जिनलोगों ने हमारा विरोध कर हमें और ज्यादा सख्त बनाया है उन्होंने हमारे आत्मनिर्भरता को और बढ़ा दिया है। हम मां दुर्गा, मां काली के उपासक हैं। वहीं गांधीजी हमारे राष्ट्रवादी आंदोलन के मार्गदर्शक हैं। लेकिन कभी-कभी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तरह आक्रामक भी. जरुरत के अनुसार बनना पड़ता है। त्रिपुरा में देखें तो 93 प्रतिशत निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान नहीं करने दिया गया। जब भी हमारी टीम गई, हम पर हमला किया गया। हमारी टीम असम गई, वहां भी हमला हुआ।
हमारे 32 हजार बच्चे अपनी नौकरी वापस पा चुके हैं। अगर कहीं कोई गलती हो सकती है लेकिन याद रखें लोकतंत्र सबके लिए जगह होती है। सीएम ने कहा कि, समन्वय केमेटी में तममा सरकारी कर्मचारी हैं। मदान कराने गए लेकि कई जगहों पर उन्होंने मतपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किये। परिणामस्वरूप, हमारे कई मतपत्र अमान्य कर दिये गये। यह किसकी गलती है? आखिर उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं हो?। उस दिन हम सोए नहीं थें, मैं और मेरा तृणमूल परिवार सुबह 6 बजे तक जागते रहे। मेरे मुख्य सचिव, पुलिस, जिलाधिकारियों ने भी अपना फर्ज निभाया। जानते हैं सुबह 3 बजे अभिषेक ने मुझसे कहा कि, दीदी अब आप सो जाओ, लेकिन क्या सोने का समय था?। खुद सवाल करते हुए सीएम ममता ने कहा, भांगड़ में कल रात कैसे बवाल हुआ? वहां केंद्रीय बल था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को क्यों गोली मारी गयी? कारण तृणमूल जीत गई है। वहलोग (विपक्ष) रात में अचानक बाहर से गुंडे लेकर आये। एक स्कूल के अंदर बम रखा हुआ था। वहां एक केंद्रीय बल भी थें। अगर तृणमूल के किसी व्यक्ति ने गलत किया तो उसे भी गिरफ्तार किया जायेगा तो मुझे खुशी होगी। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि, भांगड़ में अराबुल हार गया। लेकिन अराबुल की सीट नहीं हारी है। लेकिन मैंने भी अन-शांति के लिए कुछ नहीं कहा। क्योंकि एक या दो सीटें मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं हैं।
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