नई दिल्ली । युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय ने देश के खिलाडिय़ों को आज बड़ी सौगात दी है। मंत्रालय ने भारतीय एथलीटों और टीम अधिकारियों के लिए बोर्डिंग और रहने की ऊपरी सीमा की मात्रा में 66प्रतिशत संशोधित किया है। यह केवल राष्ट्रीय खेल संघों के लिए मंत्रालय की सहायता योजना के तहत, केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले एथलीटों और अधिकारियों के लिए है। नए संशोधित मापदंड के तहत, विदेशों में स्वीकृत प्रतियोगिताएं (विदेशी एक्सपोजर) के लिए यात्रा करने वाले एथलीट और सहायक कर्मचारी अब प्रति दिन 250 डॉलर के हकदार होंगे।
जानकारी के अनुसार खेल मंत्रालय ने विदेशी दौरों पर खिलाडिय़ों और सपोर्ट स्टाफ को मिलने वाले खर्च में 66 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। पहले भारतीय खिलाडिय़ों और सहयोगी स्टाफ को विदेशी दौरे पर रहने और खाने के लिए हर दिन 150 डॉलर (12,288 रुपये) मिलते थे। अब इसमें 66 फीसदी की बढ़ोत्तरी की गई है। अब विदेशी दौरे पर जाने वाले खिलाडिय़ों और उनके सहयोगी स्टाफ को हर दिन खर्च के लिए 250 डॉलर (20,481 रुपए) मिलेंगे।
खेल मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि नए नियमों के अनुसार अब विदेशी दौरे पर खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ हर दिन 250 डॉलर तक खर्च कर सकेंगे। विदेशी दौरों पर खिलाडिय़ों को सपोर्ट स्टाफ को मिलने वाले खर्च की ऊपरी सीमा में 66 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। यह राशि सिर्फ उन खिलाडिय़ों और सहयोगी स्टाफ को मिलेगी, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए जाएंगे। मंत्रालय ने यह भी बताया है कि खेल मंत्रालय की योजना के तहत राष्ट्रीय खेल संघों को सहायता प्रदान की जाती है। इसी कड़ी में खिलाडिय़ों और सपोर्ट स्टाफ को यह सुविधा दी जाएगी।
बता दें कि यह योजना क्रिकेट के खिलाडिय़ों के लिए नहीं है, क्योंकि क्रिकेट के खिलाडिय़ों का खर्च बीसीसीआई उठाता है।
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