कोलकाता । पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही हिंसा शुरू हो गई है। उक्त मामले में राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा को राजभवन तलब कर शांतिपूर्ण मतदान कराने कहा है। ऐसे में राज्य चुनाव आयुक्त ने 13 जून को राज्य में सर्वदलीय बैठक बुलाई है। पंचायत चुनाव के लिए नामांकन शुरु हो गई है लेकिन आरोपों की माने तो विपक्ष में खड़ी बीजेपी से लेकर माकपा व कांग्रेस तक को सत्तारूढ़ तृणमूल के कर्मी समर्थकों के द्वारा नामांकन पत्र जमा नहीं करने दिया जा रहा है।
लिहाजा बंगाल में भाजपा मजबूत स्थिति में होने के बाद भी असहाय की हालात में है और हिंसा की घटनाएं घट रही है। प्रदेश भाजपा सूत्रों की माने तो उनका मनोबल अब और टूट गया जब उन्हें खबर लगी है कि जून माह में पीएम मोदी बंगाल के दौरे पर आने वाले थें लेकिन अब वह बंगाल नहीं आ रहें हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के गृह मंत्री अमित शाह दोनों को मोदी सरकार के नौ साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए पश्चिम बंगाल का दौरा करना था।
वैसे मामले पर राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि, पंचायत चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद इस बात की पूरी संभावना है कि चुनाव खत्म होने और नतीजे आने के बाद अब ये दौरे किए जाएंगे। मोदी और शाह के अलावा, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को भी इस महीने किसी समय पश्चिम बंगाल की यात्रा करनी थी। बहरहाल जो भी हो लेकिन ग्राम गंज में रहने वाले भाजपा के कर्मी समर्थकों का मनोबल इस बात से गिर गया है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के गृह मंत्री अमित शाह पंचायत चुनाव से पहले बंगाल के दौरे पर नहीं आ रहे हैं।
बात करने पर भाजपा के कुछ कर्मी समर्थकों का कहना है कि मोदी व शाह अगर पंचायत चुनाव से पहले बंगाल के दौरे पर आते तो इसका फायदा वोट में दिखता और भगवा खेमे के सिपाही लड़ाई को दमदार ढंग से लड़ पाते। बहरहाल जो भी हो बंगाल भाजपा के वरीय नेताओं के नेतृत्व में पंचायत चुनाव लड़ा जाएगा । ऐसे में अन्य राज्यों के नेता या केंद्रीय मंत्री पंचायत चुनाव अभियान में हिस्सा नहीं लेंगे।