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इसरो ने जीसैट-12 उपग्रह को किया नष्ट, बताई इसके पीछे की वजह

by Bhupendra Sahu

चेन्नई । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पिछले महीने पोस्ट मिशन डिस्पोजल (पीएमडी) ऑपरेशन में संचार उपग्रह जीसैट-12 को नष्ट कर दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार, जीसैट-12 का पोस्ट मिशन डिस्पोजल ऑपरेशन 23 मार्च को पूरा हो गया था। इसरो ने कहा कि जीसैट-12 डीकमीशनिंग से पहले पीएमडी से गुजरने वाला 23वां जियोसिंक्रोनस अर्थ ऑर्बिटल (जीईओ) उपग्रह था।

12 विस्तारित सी बैंड ट्रांसपोंडर ले जाने वाला उपग्रह 15 जुलाई, 2011 को लॉन्च किया गया था। यह मार्च 2021 तक 83 डिग्री ई देशांतर पर स्थित था। 2020 में इसके प्रतिस्थापन उपग्रह सीएमएस-01 के प्रक्षेपण के बाद, इसे बाद में 47.96 डिग्री ई देशांतर पर स्थानांतरित कर दिया गया था। उपग्रह ने एक दशक से अधिक समय तक सेवा की।

जीईओ शासन सबसे अधिक आबादी वाले और अत्यधिक उपयोग किए जाने वाले क्षेत्रों में से एक है। संयुक्त राष्ट्र और आईएडीसी ने उपग्रह को जीईओ क्षेत्र से दूर नष्ट करने की सलाह दी थी। इसरो के अनुसार संगठन के प्रयासों के बाद 19 मार्च को उपग्रह जीईओ ऊंचाई से लगभग 400 किमी ऊपर एक सुपर-सिंक्रोनस सकरुलर कक्षा में पहुंच गया। इसके बाद इसे नष्ट करने की प्रकिया चलती रही। यू आर राव सैटेलाइट सेंटर, सैटकॉम प्रोग्राम ऑफिस और आईएस4ओएम (इसरो सिस्टम फॉर सेफ एंड सस्टेनेबल स्पेस ऑपरेशंस मैनेजमेंट) के समन्वय में एमसीएफ, हासन द्वारा ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
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