Home » अब चांद पर दौड़ेगी कार, किसी भी तापमान में रफ्तार भरने को तैयार लूनर रोवर

अब चांद पर दौड़ेगी कार, किसी भी तापमान में रफ्तार भरने को तैयार लूनर रोवर

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर सबसे पहले अपना कदम रखा था। लेकिन, कोरिया का हुंडई मोटर ग्रुप अब सबसे पहले चांद पर अपने व्हीकल्स को पहुंचाने का सपना देख रहा है। हुंडई मोटर ग्रुप ने घोषणा की है कि कंपनी ने लूनर एक्सप्लोरेशन मोबिलिटी रोवर के प्रारंभिक विकास मॉडल का निर्माण शुरू कर दिया है।

‘लूनर रोवरÓ कोरिया में एयरोस्पेस पार्टनर के सहयोग से बनाया जा रहा है। जुलाई 2022 में ऑटोमेकर ने चंद्र रोवर को डेवलप और सपोर्ट करने के लिए एयरोस्पेस सेक्टर में 6 कोरियाई रिसर्ज इंस्टीट्यूट के साथ एक ज्वाइंट मल्टीलेटरल रिसर्च एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे।
इनिशियल लूनर रोवर टेस्टिंग यूनिट 2024 की दूसरी छमाही तक पूरी हो जाएगी और तब तक हुंडई का टारगेट एक मॉडल बनाना है, जिसे 2027 तक लॉन्च किया जा सकता है। लूनर रोवर में हुंडई और ्यढ्ढ्र कारों में मिलने वाली सभी एडवांस टेक्नोलॉजी होंगी। इसमें एडवांस रोबोटिक्स, कैमरा और रुद्बष्ठ्रक्र सेंसर के साथ ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेक्नोलॉजी, मोटर, व्हील्स और एक बेस्ट मैनेजमेंट के साथ एक ड्राइविंग सिस्टम शामिल होगा। इसमें सोलर पैनल दिए गए हैं, जिससे लूनर रोवल को एडवांस टेक्नोलॉजी के माध्यम से चार्ज किया जा सकेगा। साथ ही इसमें हुंडई रोटेम की रोबोटिक डेवलपमेंट टेक्नोलॉजी दी गई है।
लूनर रोवर हुंडई की टेक्नोलॉजी और कंपोनेंट के साथ आएगी। इसमें ऊपरी भाग में लूनर सरफेस के लिए साइंटिफिक पेलोड शामिल होंगे। लूनर रोवर सरफेस को हर तरह के तापमान को झेलने के लिए तैयार किया जा रहा है। लूनर मिशन की तैयारी में चंद्रमा की सतह वाले वातावरण में लूनर रोवर का जमीन पर टेस्ट किया जाएगा। विकास और परीक्षण फेज के बाद कंसोर्टियम ने विभिन्न अभियानों को अंजाम देने के लिए हुंडई लूनर रोवर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र के पास उतारने की योजना बनाई है। लूनर रोवर का वजन करीब 70 किलो होगा।
00

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More