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हम नागपुर को पीछे छोड़ चुके हैं, अब दिल्ली पर ध्यान : द्रविड़

by Bhupendra Sahu

नयी दिल्ली । भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट से पूर्व कहा कि उनका ध्यान पिछले मैच की विशाल जीत पर नहीं बल्कि आने वाले मैच की तैयारियों पर केंद्रित है। गौरतलब है कि भारत ने नागपुर में खेले गये पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को पारी और 132 रन के विशाल अंतर से रौंदा था। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम पर भी भारत पिछले 36 सालों में कोई टेस्ट नहीं हारा है, हालांकि कोच द्रविड़ की दिलचस्पी अतीत के आंकड़ों से ज्यादा भविष्य की योजनाओं पर है। द्रविड़ ने यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, मुझे अभी तक इस स्टेडियम के रिकॉर्ड्स का नहीं पता था। हम लोग यह नहीं देखते हैं। बीते समय में अलग खिलाड़ी थे, विपक्षी टीम अलग थी। अगर आप यह मैच जीतना चाहते हैं तो आपको यहां अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इसलिये आप ज्यादा इतिहास में नहीं जा सकते। आप थोड़े बहुत आंकड़े देख सकते हैं, लेकिन आप उसके वेग में नहीं बह सकते। हम जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया बहुत अच्छी और अनुभवी टीम है। उनके कई खिलाड़ी यहां आकर पहले भी खेल चुके हैं।

वह भी चाहेंगे कि पिछले मैच की हार से वापसी करें। हम जानते हैं कि अगर हमें यह सीरीज जीतनी है तो लगातार अच्छी क्रिकेट खेलनी होगी।
उन्होंने कहा, हमने पहले टेस्ट मैच के बाद भी यह बात की थी कि हमें लगातार अच्छी क्रिकेट खेलनी है। हमारी योजनाएं एक मैच के बाद नहीं बदलेंगी। उन्होंने भी नागपुर टेस्ट से कुछ सीख ली होगी, तो वह भी कोशिश करेंगे कि उसे इस्तेमाल करें। हम भी कोशिश करेंगे कि अपनी लय बरकरार रखें। आप 1987 के रिकॉर्ड तो छोडिय़े, हम नागपुर को भी पीछे छोड़ चुके हैं। अब हम दिल्ली आ चुके हैं और हमें मालूम है कि यहां भी अच्छा क्रिकेट खेलना होगा।

भारत ने भले ही नागपुर में ऑस्ट्रेलिया पर दमदार जीत दर्ज की, लेकिन लंबे समय से लय में चल रहे श्रेयस अय्यर पीठ की चोट के कारण उस टेस्ट में हिस्सा नहीं ले सके थे। अय्यर अब बेंगलुरु की राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में अपना रिहैब पूरा करके भारतीय टीम के साथ जुड़ चुके हैं और कोच द्रविड़ का कहना है कि अगर वह पांच दिन खेलने के लायक फिट होते हैं तो उन्हें एकादश में जगह दी जायेगी। द्रविड़ ने कहा, किसी खिलाड़ी का चोट से उभरकर वापस आना हमेशा अच्छा होता है। मैं खुश हूंं कि वह ठीक होकर वापस आ गये हैं। वह अपने टेस्ट पदार्पण के बाद से काफी महत्वपूर्ण रहे हैं और कई अच्छी पारियां खेल चुके हैं। हम उनके खेलने पर दो दिन बाद फैसला लेंगे। उन्होंने आज अभ्यास किया, और कल भी करेंगे। अगर अय्यर खेलने के लिये तैयार होते हैं और पांच दिन मशक्कत करने के लिये फिट होते हैं तो वह सीधा टीम में आयेंगे। अय्यर की टीम में वापसी का मतलब होगा कि नागपुर में टेस्ट पदार्पण करने वाले सूर्यकुमार यादव को एकादश से बाहर जाना होगा। सूर्यकुमार ने पहले टेस्ट में सिर्फ आठ रन का योगदान दिया था, हालांकि द्रविड़ का कहना है कि ज्यादा रन बनाने पर भी सूर्यकुमार को अय्यर पर प्राथमिकता नहीं दी जाती।

द्रविड़ ने एक सवाल के जवाब में कहा, बिल्कुल, अगर कोई खिलाड़ी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और चोट की वजह से टीम से बाहर हो जाता है, तो उसका अधिकार है कि वह फिट होने के बाद टीम में वापस आये। मैं सभी की तरफ से कुछ नहीं कह सकता, लेकिन कम से कम टीम प्रबंधन का तो यही विचार है। अय्यर स्पिन के खिलाफ अच्छा खेले हैं, लेकिन कानपुर में अपने पदार्पण के बाद से उन्होंने कई टेस्ट मैचों में भारत को मुश्किल स्थिति से निकाला है। हम पिछले एक-डेढ़ साल में जब भी संकट में रहे हैं तो उन्होंने, ऋषभ (पंत) ने और जडेजा ने हमें मुश्किल से निकाला है और महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं। कोच द्रविड़ ने इस अवसर पर अपना 100वें टेस्ट की तैयारी कर रहे चेतेश्वर पुजारा की भी तारीफ की। वर्ष 2010 में भारत के लिये पदार्पण करने वाले पुजारा 99 टेस्ट मैच खेलकर 44.1 की औसत से 7021 रन बना चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध शुक्रवार से होने वाले बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दूसरे मैच में वह अपना 100वां टेस्ट खेलेंगे।

द्रविड़ ने कहा, यह एक क्रिकेटर के लिये बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। इसके लिये आपको प्रतिभा की जरूरत तो होती ही है, लेकिन 100 टेस्ट मैच खेलना इसके अलावा भी बहुत कुछ दर्शाता है। यह आपकी ज्येष्ठता दिखाता है। यह आपकी फिटनेस, आपकी मजबूती, उतार-चढ़ाव को सहने की क्षमता दिखाता है। जब आप 100 टेस्ट खेलते हैं तो यह हो ही नहीं सकता कि आपने उतार-चढ़ाव न देखे हों। आपको जीत-हार का सामना करना पड़ता है। कई तरह की गेंदबाजी देखनी होती है, आपसे फील्ड पर कई सवाल पूछे जाते हैं। जो पुजारा ने पिछले 13-14 सालों में किया है, वह बहुत बड़ी बात है। यह (100वां टेस्ट) उनके कौशल के लिये एक पुरस्कार है। उन्होंने कहा, वह टीम के बड़े ही चहेते खिलाड़ी हैं। हम सबको खुशी होती है कि वह 100 टेस्ट मैच खेले हैं। उम्मीद है कि वह आगे भी बहुत अच्छा प्रदर्शन करते रहेंगे, जैसा कि वह करते आये हैं। अगर आप पिछले 10-15 सालों में देखें तो पुजारा ने कई ऐसी महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं जिससे भारत को मैच में और कई शृंखलाओं में जीत मिली है। बेशक ही वह हमारी टीम के बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं। हम सब खुश हैं कि उनके साथ इस पल को साझा कर सकते हैं। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पहले टेस्ट में पारी और 132 रन से हराकर चार मैचों की शृंखला में 1-0 की बढ़त बना चुका है। दिल्ली के बाद दोनों टीमें इंदौर (1-5 मार्च) और अहमदाबाद (9-13 मार्च) में भी एक-दूसरे का सामना करेंगी।

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