Home » भारत की गुणवत्ता मान्यता प्रणाली विश्व में 5वें स्थान पर

भारत की गुणवत्ता मान्यता प्रणाली विश्व में 5वें स्थान पर

by Bhupendra Sahu

नयी दिल्ली । भारतीय गुणवत्ता परिषद(क्यूसीआई) के तहत भारत की राष्ट्रीय मान्यता प्रणाली को हाल ही में वैश्विक गुणवत्ता अवसंरचना सूचकांक (जीक्यूआईआई) में 2021 में दुनिया में शीर्ष के 5वें स्थान पर रखा है। जीक्यूआईआई गुणवत्ता के बुनियादी ढांचे (क्यूआई) के आधार पर दुनिया की 184 अर्थव्यवस्थाओं को रैंक देता है। भारत समग्र क्यूआई प्रणाली के मामले में 10वें स्थान पर , मानकीकरण प्रणाली (बीआईएस के तहत) के मामले में 9वें स्थान पर और माम विज्ञान प्रणाली (एनपीएल-सीएसआईआर के तहत) दुनिया में 21वें स्थान पर है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में क्यूसीआई के जैक्सी शाह ने कहा कि यह ‘गुणवत्ता सबसे पहलेÓके दृष्टिकोण के साथ अमृत काल में एक नए भारत का संकेत है। भारत में तीन क्यूआई स्तंभों में भारत की मान्यता प्रणाली सबसे नई है, और हम इन की रैंकिंग में एक साल के भीतर वैश्विक पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने देश में गुणवत्ता संस्कृति को प्रोत्साहन देने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की नेतृत्वकारी भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि वे गुणवत्ता और विश्वसनीयता की नींव पर ‘मेड इन इंडियाÓ को विश्व स्तर पर विश्वसनीय ब्रांड बनाने के लिए मिशन के तौर पर प्रतिबद्ध हैं।
गौरतलब है कि क्यूआई अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में तकनीकी रीढ़ का काम करती है। इसमें मामविज्ञान प्रणाली मानकीकरण, मान्यता और अनुरूपता मूल्यांकन सेवाओं से व्यापार में भागीदार पक्षों के बीच उत्पादों की विश्वसनीयता बनती है और उनको लेकर भरोसा उत्पन्न होता है। भारत में, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तहत राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला एनपीएल-सीएसआईआर राष्ट्रीय माप-विद्या संस्थान है। इसी तरह भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) राष्ट्रीय मानक निकाय है । भारतीय गुणवत्ता परिषद के तहत आने वाले अलग अलग राष्ट्रीय मान्यता बोर्ड है समर्थन राष्ट्रीय प्रत्यायन प्रणाली के संरक्षक हैं।
दुनिया में शीर्ष 25 क्यूआई सिस्टम मुख्य रूप से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और एशिया-प्रशांत में स्थित हैं। इनमें भारत का 10वां, ब्राजील 13वां, ऑस्ट्रेलिया 14वां, तुर्की 16वां, मेक्सिको 18वां और दक्षिण अफ्रीका का 20वां स्थान है।
00

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More