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आरडीए संचालक मंडल की बैठक में जनहित में हुए कई फैसले

by Bhupendra Sahu

देर से राशि भुगतान पर 15 प्रतिशत चक्रवृध्दि ब्याज के बदले 12 प्रतिशत की दर पर साधारण ब्याज, बकाया राशि के सरचार्ज में छूट 50 से 30 प्रतिशत तक

ईडब्लूएस के लिए 84 हजार की सब्सिडी, रजिस्ट्री से पहले संबंधियों के नाम जोड़ने-हटाने की सुविधा मिली

सर्वसुविधायुक्त एलआईजी फ्लैट्स की बुकिंग राशि घटा कर 50 हजार

रायपुर रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने आज की बैठक में जनहित के अनेक फैसले लिए गए। इनमें बकाया सरचार्ज राशि का एक मुश्त भुगतान पर आवासीय में 50 प्रतिशत व व्यावसायिक पर 30 प्रतिशत की छूट दी गई। 15 प्रतिशत की चक्रवृद्धि दर से ली जाने वाली सरचार्ज राशि को घटा कर साधारण ब्याज पर 12 प्रतिशत करने, कमल विहार सेक्टर 4 के 768 ईडब्लूएस फ्लैट्स के आवंटितियों को 84 हजार की सबसिडी राशि देने और संपत्तियों की रजिस्ट्री के पहले संबंधियों का नाम जोड़ेने व हटाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों से आवंटितियों को काफी राहत मिलेगी।

संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष श्री सुभाष धुप्पड़ ने की तथा बैठक का संचालन संचालक मंडल के सदस्य सचिव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री धर्मेश कुमार साहू ने किया। बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वय श्री सूर्यमणि मिश्रा व श्री शिव सिंह ठाकुर, संचालक मंडल के सदस्य श्री राजेन्द्र पप्पू बंजारे, श्रीमती ममता रॉय, श्री मुकेश साहू, और श्रीमती चन्द्रवती साहू उपस्थित थी।

बकाया राशि का भुगतान पर आवासीय में 50 प्रतिशत, व्यावसायिक में 30 प्रतिशत सरचार्ज की छूट-

संचालक मंडल ने जनहित में एक बड़ी राहत देते हुए बकाया राशि का एक मुश्त भुगतान करने पर आवासीय संपत्तियों में 50 प्रतिशत की छूट तथा व्यावसायिक संपत्तियों में 30 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। यह छूट 31 मार्च 2023 तक की अवधि के लिए दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में 41.25 करोड़ रुपए की राशि बकाया है, जिसमें से 13.35 करोड़ रुपए की सरचार्ज राशि शामिल है।

सरचार्ज 15 प्रतिशत से घटा कर 12 प्रतिशत किया गया-

रायपुर विकास प्राधिकरण के आवंटितियों से देर से किए जाने वाले भुगतान पर 15 प्रतिशत सरचार्ज राशि को कम कर अब 12 प्रतिशत कर दिया गया है। संचालक मंडल ने आम जनता की मांग पर यह पाया कि पहले सरचार्ज की राशि चक्रवृध्दि ब्याज के रुप में ली जा रही है। इससे लोगों पर काफी आर्थिक भार पड़ता था। 1990 में प्राधिकरण व्दारा 18 प्रतिशत सरचार्ज तथा 2004 से 15 प्रतिशत सरचार्ज लिया जाने लगा। तत्समय बैंकों की प्रचलित दर 12 प्रतिशत थी, जिसमें तीन या चार प्रतिशत अर्थदंड के रुप में अधिरोपित कर 15 प्रतिशत की राशि सरचार्ज के रुप में ली जाती थी। वर्तमान में वाणिज्यिक बैंकों व्दारा ब्याज दर 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के रुप में ली जा रही है। इसे देखते हुए संचालक मंडल ने चर्चा कर 1 अप्रैल 2023 से 12 प्रतिशत सरचार्ज लेने का निर्णय लिया, किन्तु पूर्व में अधिरोपित हो चुकी राशि यथावत रहेगी।

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