चंडीगढ़ । सरकारी स्वामित्व वाले बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने सोमवार को निवल ब्याज आय में वृद्धि और बेहतर आस्ति गुणवत्ता के कारण दिसंबर 2022 को समाप्त तिमाही में अपने लाभ में दुगनी से अधिक 775 करोड़ की वृद्धि रिपोर्ट की है। पुणे में मुख्यालय वाले सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक ने, जिसकी चौथी तिमाही में 500-1,000 करोड़ के योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (क्यूआईपी) जारी करने की योजना है, विगत वर्ष ?325 करोड़ का निवल लाभ रिपोर्ट किया था।
सकल अग्रिम वर्ष-दर-वर्ष लगभग 22 प्रतिशत बढकऱ 1,56,962 करोड़ हो गए। जिसमें, कॉर्पोरेट अग्रिमों में 25 प्रतिशत, रिटेल (23 प्रतिशत), एमएसएमई (22 प्रतिशत) और कृषि अग्रिमों में (9 प्रतिशत) की वृद्धि हुई । दिसंबर 2022 के अंत तक कुल जमाराशियां लगभग 12 प्रतिशत बढकऱ 2,08,436 करोड़ हो गईं। कुल जमाराशियों में कम लागत चालू खाते, बचत खाते में जमाराशियों का अनुपात 52.50 प्रतिशत रहा।
तिमाही के आंकड़ों के बारे में बताते हुए, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रबंध निदेशक ए. एस. राजीव ने कहा कि निवल लाभ में 138.76 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और परिचालन लाभ 35.94 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाते हुए ?1,580 करोड़ हो गया है, जबकि एक वर्ष पूर्व की इसी तिमाही में यह 1,162 करोड़ था। उन्होंने कहा कि चालू तिमाही में लाभ की बढत बनाए रखना और निवल ब्याज मार्जिन (एनआईएम) को भी 3.6 प्रतिशत के वर्तमान स्तर पर बनाए रखना बैंक का लक्ष्य है।
ए. एस. राजीव ने कहा कि, हालांकि बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (उपार्जित लाभ को छोडकऱ) सुदृढ रूप से 17.53 प्रतिशत है और अपना कारोबार बढ़ाने के लिए इसे पूंजी की आवश्यकता नहीं है, तथापि बैंक, वर्तमान में 90 प्रतिशत से अधिक की सरकारी शेयरधारिता को 85 प्रतिशत तक घटाने के लिए, संभवत: इस तिमाही में, क्यूआईपी के माध्यम से 500-1,000 करोड़ की शेयर बिक्री की योजना बना रहा है। स्टॉक मार्केट रेग्युलेशन के अनुसार, किसी एक प्रमोटर की हिस्सेदारी 75 फीसदी से अधिक नहीं होनी चाहिए।
बैंक की निवल ब्याज आय (एनआईआई) वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 29.65 प्रतिशत बढकऱ 1,980 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में यह 1,527 करोड़ थी। दिसंबर की इस तिमाही में बैंक की कुल आय बढकऱ 4,770 करोड़ हो गई, जो एक वर्ष पूर्व की अवधि में ?3,893 करोड़ थी।
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