Home » चोट का समय मुश्किल था, मगर अभ्यास नहीं छोड़ा : सिंधु

चोट का समय मुश्किल था, मगर अभ्यास नहीं छोड़ा : सिंधु

by Bhupendra Sahu

नयी दिल्ली । भारत की शीर्ष शटलर पीवी सिंधु ने कहा कि चोट के कारण उनका जो समय कोर्ट से दूर गुजऱा वह मुश्किल था, लेकिन उन्होंने इसके बावजूद अभ्यास करना नहीं छोड़ा। अगस्त 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों के सेमीफाइनल में सिंधु की बाईं एड़ी फ्रैक्चर हो गयी थी। उन्होंने चोट के बावजूद फाइनल खेलते हुए स्वर्ण पदक जीता, हालांकि इसके बाद वह करीब पांच महीने तक कोर्ट से दूर रहीं। सिंधु ने इंडिया ओपन 2023 से पूर्व यूनीवार्ता से कहा, मेरी चोट एड़ी में थी, बाकी शरीर ठीक तरह काम कर रहा था, तो मैं खड़े होकर स्ट्रोक्स का अभ्यास करती थी। उसके बाद काफी समय बच रहा था तो उसे मैंने परिवार के साथ

बिताया।
उन्होंने कहा, ज़ाहिर है कि कुछ दिन घर में रही थी। मुझे हेयरलाइन फ्रैक्चर हुआ था, जिसमें काफी दर्द हो रहा था। डॉक्टर ने मुझे कुछ दिन आराम करने के लिये कहा। थोड़े दिन बाद मैं खड़ी हो पा रही थी, सो मैंने खड़े होकर स्ट्रोक्स अभ्यास करना शुरू किये क्योंकि मैं पैर को ज्यादा हिला नहीं सकती थी।
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने इस साल के पहले टूर्नामेंट मलेशिया ओपन 2023 के जरिये कोर्ट पर वापसी की, हालांकि उन्हें पहले ही चरण में चिर-प्रतिद्वंदी स्पेन की कैरोलिना मारिन के हाथों 12-21, 21-10, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा।
सिंधु ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, मैं चोट के बाद इस बात से खुश थी कि मैं अपना श्रेष्ठतम खेल दिखा सकी। वह मुकाबला तीन गेम तक चला, इसलिये मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट थी, क्योंकि चोट से लौटकर खेलना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा, मैं खुश हूं कि मैं अपना सौ प्रतिशत दे सकी। जीत और हार जीवन का हिस्सा है, लेकिन आपका अपने खेल से संतुष्ट होना जरूरी है। जैसा कि मैंने कहा, चोट से लौटकर खेलना आसान नहीं था। मेरे कोच भी थोड़ा भावुक थे क्योंकि मैं पांच महीने से नहीं खेली थी। हमें खुश होना चाहिये कि मैं कैरोलिना के खिलाफ खेल सकी और परमेश्वर की दया से सब कुछ सही रहा। उम्मीद है कि आगे और बेहतर दिन आयेंगे।
सिंधु अब मंगलवार से यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में शुरू होने वाले इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी, जहां पहले चरण में उनका सामना पहले चरण में थाईलैंड की सुपानिदा केटथॉन्ग से होगा। सिंधु ने यह खिताब पांच साल पूर्व 2017 में जीता था और वह एक बार फिर इस टूर्नामेंट में उतरने के लिये उत्साहित हैं।
सिंधु ने कहा, मैं इस टूर्नामेंट के लिये तैयार हूं और बेहद खुश हूं कि चोट के बाद दोबारा खेल पा रही हूं। यह टूर्नामेंट पहली बार सुपर 750 स्तर पर हो रहा है। पहले यह सुपर 500 था और इस बार कई शीर्ष खिलाड़ी यहां आयेंगे। इस बार यहां प्रशंसकों की भीड़ भी मौजूद होगी। पिछली बार कोरोना के कारण ज्यादा लोग नहीं आ पाये थे। घर में खेलना बिल्कुल अलग एहसास होता है और भारत में खेलने के साथ कई सारी यादें भी जुड़ी हुई हैं। मैं बहुत उत्साहित हूं।
उन्होंने कहा, मेरे लिये हर एक मैच महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बड़े खिलाड़ी आने वाले हैं। मुकाबले के दिन जो अच्छा खेलेगा, वही जीतने वाला है। मैं यह नहीं कहती कि मैं खिताब जीतूंगी, मगर मैं जरूर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगी।
योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन 2023 का आयोजन 17 से 22 जनवरी के बीच यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम के के डी जाधव हॉल में किया जायेगा। यह विश्व बैडमिंटन संघ (बीडब्ल्यूएफ) के 2023 कैलेंडर का दूसरा आयोजन है।
00

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More