नयी दिल्ली । कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (आधार वर्ष 1986-87=100) पर आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर 2022 में एक माह पहले की तुलना में नरम होकर क्रमश: 7.22 प्रतिशत और 7.34 प्रतिशत थी। यह जानकारी श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी। कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों से संबंधित खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर 2022 में क्रमश: 7.69 प्रतिशत और 7.90 प्रतिशत थी।
पिछले वर्ष की तुलना में मुद्रास्फीति का स्तर अब भी काफी ऊंचा है। पिछले वर्ष अक्टूबर महीने के दौरान कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति क्रमश: 2.76 प्रतिशत और 3.12 प्रतिशत थी। कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खाद्य मुद्रास्फीति अक्टूबर, 2022 में क्रमश: 7.05 प्रतिशत और 7.00 प्रतिशत रही जबकि सितंबर में यह क्रमश: 7.47 प्रतिशत और 7.52 प्रतिशत तथा और पिछले वर्ष के इसी महीने के दौरान क्रमश: 0.39 प्रतिशत और 0.59 प्रतिशत थी।
पिछले वर्ष की तुलना में मुख्य रूप से चावल, गेहूं-आटा, ज्वार, रागी, दाल, दूध, घी की कीमतों में वृद्धि के कारण कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के सामान्य मूल्य सूचकांक में वृद्धि हुई है।