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अगले दो साल में भारत को मिल सकता है एक और गोपीचंद

by Bhupendra Sahu

बेंगलुरू। आल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में स्थान बनाने वाले लक्ष्य सेन का नाम लिये बगैर भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा कि अगले दो सालों में देश को एक और पुलेला गोपीचंद मिलने की प्रबल संभावना है। दिग्गज शटलर गोपीचंद ने कहा, पिछले साल हम आल इंग्लैंड चैंपियनशिप का फाइनल हार गये थे मगर मुझे उम्मीद है कि 2023 और 2024 में हमे पदक मिल सकते हैं। खेल में नैतिकता और नेतृत्व विषय पर आर्ट आफ लिविंग द्वारा आयोजित विश्व शिखर सम्मेलन में भाग लेने आये गोपीचंद ने कार्यक्रम के इतर कहा, बैडमिंटन में भारत ने कुल मिलाकर अच्छे परिणाम दिये हैं। इस साल थामस कप जीतना एक विशेष उपलब्धि कहा जा सकता है।

इस जीत ने भारतीय शटलरों को प्रेरणा दी है। आल इंग्लैंड चैंपियनशिप का खिताब हमसे दूर हो गया लेकिन लक्ष्य सेन फाइनल में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। विश्व चैंपियनशिप में इस साल हमे रजत और कांस्य पदक मिले। पिछले साल बी साई प्रणीथ समेत कुछ खिलाडी अच्छा खेले जबकि इस साल सात्विक साईराज और चिराग शेट्टी ने विश्व चैंपियनशिप में उम्दा प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि हमने इस साल अच्छे परिणाम दिये हैं जिनमें थामस कप जीतना महान उपलब्धि है। मैं भारतीय शटलर के प्रदर्शन से संतुष्ट और बेहद खुश हूं। मुझे भरोसा है कि हम प्रतिष्ठित आल इंग्लैंड चैंपियनशिप जरूर जीतेंगे।
गोपीचंद ने 2001 में आल इंग्लैंड चैंपियनशिप के पुरुष एकल का खिताब जीता था, जिसके 21 साल बाद लक्ष्य सेन ने चैंपियनशिप के फाइनल में अपनी जगह बनायी थी, मगर वह खिताबी मुकाबले में डेनमार्क के विक्टर एक्सलसेन से 21-10, 21-15 से हार गये थे। इससे पहले उभरते हुये लक्ष्य ने गत विजेता ली जी जिया को सेमीफाइनल में 21-13, 12-21, 21-19 से हराया था और इसके साथ ही इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाले पांचवें भारतीय का रूतुबा हासिल किया था।
वर्ष 2005 में आल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में अंतिम बार पहुंचने वाली भारतीय सायना नेहवाल थी। गोपीचंद के अलावा आल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीतने वाले दूसरे भारतीय प्रकाश पादुकोण है जिन्होने 1980 में यह खिताब हासिल किया था।
खिलाडी के तौर पर देश का गौरव कई बार बढ़ा चुके गोपीचंद ने कोच के तौर सायना नेहवाल और पीवी सिंधु की प्रतिभा को तराशा और संवारा। इन दोनो खिलाडियों ने अपने करियर में कई महान उपलब्धियां हासिल की हैं।
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