नयी दिल्ली । देश के प्रमुख आठ शहरों में वित्त वर्ष 2021-22 में वेयरहाउसिंग की लीज 5.13 करोड़ वर्ग फुट के साथ रिकॉर्ड स्तर पर रही।
रियल स्टेट क्षेत्र में परामर्श देने वाली एजेंसी नाइट फ्रैंक इंडिया ने जारी इंडिया वेयरहाउसिंग मार्केट रिपोर्ट-2022 में कहा कि लीजिंग लेनदेन ने 62 प्रतिशत वार्षिक आधार पर वृद्धि के साथ कोरोना-पूर्व स्तर को पार करते हुए विस्तार योजनाओं को पुनर्जीवित किया। रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे अधिक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 91 लाख वर्ग फुट और मुंबई में 86 लाख फुट वेयरहाउसिंग के लिए लेन देन हुआ जबकि पुणे और हैदराबाद में वार्षिक आधार पर लीज में क्रमश: 166 और 128 प्रतिशत की वृद्धि हुयी।
वेयरहाउसिंग क्षेत्र में बैंगलोर में लेन-देन 38 प्रतिशत बढ़कर 59 लाख वर्ग फुट, अहमदाबाद में 81 प्रतिशत बढ़कर 53 लाख वर्ग फुट, चेन्नई में 44 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 51 लाख वर्ग फुट और कोलकाता में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 43 लाख वर्ग फुट रहा।
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के अनुसार लगभग सभी क्षेत्रों ने वित्त वर्ष 2022 के दौरान वेयरहाउसिंग की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि का प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट में भारत में 18 द्वितीयक बाजारों में वेयरहाउसिंग गतिविधियों का आकलन किया है।
रिपोर्ट के अनुसार 3पीएल क्षेत्र में सबसे अधिक1.49 करोड़ वर्ग फुट का लेन-देन हुआ जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है। जबकि अन्य उत्पादन क्षेत्र में 1.4 करोड़ वर्ग फुट, ई-कॉमर्स में 1.16 करोड़ वर्ग फुट, खुदरा में 56 लाख वर्ग फुट, अन्यों में 2.5 लाख वर्ग फुट, एफएमसीडी में 15 लाख वर्ग फुट और एफएमसीजी में 12 लाख वर्ग फुट वेयरहाउसिंग लीज का लेन-देन हुआ।
नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंधन निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, भारत में संगठित वेयरहाउसिंग क्षेत्र की उच्च विकास दर इसकी बढ़ती सकल घरेलू उत्पाद और उपभोक्तावाद का परिणाम है। देश में वेयरहाउस लीजिंग पूर्व-महामारी के स्तर को पार करने के साथ, यह क्षेत्र दुनिया भर में अपने अधिक परिपक्व साथियों से मेल खाने के लिए एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि निवेश के संदर्भ में वेयरहाउसिंग क्षेत्र ने वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 1.2 करोड़ डॉलर की निजी इच्टिी प्राप्त की है जबकि इससे पिछले पूरे वर्ष 2021 में 1.3 करोड़ डॉलर की निजी इच्टिी प्राप्त की थी। यह पर्याप्त रूप से वैश्विक और भारतीय निवेशकों के इस क्षेत्र के भविष्य पर विश्वास का प्रदर्शन करता है।
श्री बैजल ने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में सरकार का जोर और भारत की नयी लॉजिस्टिक्स नीति से उछाल में मदद मिलेगी। द्वितीयक बाजारों में दर्ज की गई मजबूत मांग के साथ देश के शीर्ष आठ बाजारों से भी आगे भंडारण की गति बढ़ रही है और मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्कों के विकास से देश के भौगोलिक विस्तार को कवर करते हुए और अधिक वेयरहाउसिंग क्षेत्र तैयार होंगे।
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