भिलाई। परम अलौकिक तुंहरे गरिमा,गावै सब नर नारी महिमा होथे पहिली पूजा सेवा, जय जय जय श्री गणेश देवा ऐसे ही छत्तीसगढ़ी बोली के साथ इस साल गणेश पंडालों में छत्तीसगढ़ी गणेशवंदना सुनाई देगी। गीतकार गजराज दास महंत की लिखी इस गणेश वंदना को शहर की गायिका डॉ सोनाली चक्रवर्ती ने गाया है।
इस गाने की शूटिंग हुडको के गणेश मंदिर में हुई है। डॉ सोनाली के साथ स्वयंसिद्धा एनजीओ के कच्ची धूप के बच्चों ने कोरस के रूप में स्वर दिया है। यह बच्चे श्रम बस्ती के हैं जिनकी प्रतिभा को डॉ सोनाली निखार रही है। इनमें अजय देश लहरा, प्रताप सिंह, शिल्पी शर्मा, श्याम यादव,रीना साहू, अलका निषाद शामिल है। साथ ही वीडियो में स्वयंसिद्धा ग्रुप की सदस्य भी नजर आ रही है।
सात चौपाई शामिल
डॉ सोनाली ने बताया कि इस गीत में सात चौपाइयां है जिसे छंद बद्ध तरीके से लिखा गया है। इसका संगीत वी.के. सुंदरेष ने दिया है। सोनाली ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी को समर्पित इस छत्तीसगढ़ी गणेश वंदना को लोग काफी पसंद कर रहे हैं।उन्होंने सभी गणेश पंडाल संचालकों और समितियों से अपील की है कि यू-ट्यूब में मौजूद इस वंदना को वे भी अपने पंडालों में बजाएं ताकि छत्तीसगढ़ी भाषा को और मान-सम्मान मिल सकें।