नई दिल्ली। भारतीय के स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने टीम इंडिया में वापसी का श्रेय रणजी ट्रॉफी और काउंटी क्रिकेट को दिया है। इन टूर्नामेंट में खेलने से उन्हें अपनी खोई हुई लय हासिल करने और राष्ट्रीय टीम में वापसी करने में मदद मिली। बता दें, साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2021 साउथ अफ्रीका दौर के बाद चेतेश्वर पुजारा को खराब फॉर्म के चलते भारतीय टेस्ट टीम से बाहर कर दिया था, मगर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में फॉर्म हासिल कर इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के लिए इस खिलाड़ी ने भारतीय टीम में वापस जगह बनाई है।
भारतीय टीम से बाहर होने के बाद पुजारा ने काउंटी क्रिकेट में 120 के औसत से 5 मैचों में 720 रन ठोके थे। इस दौरान उनके बल्ले से दो दोहरे शतकों सहित चार शतक निकले। वहीं रणजी ट्रॉफी में उन्होंने मुंबई के खिलाफ 83 गेंदों में 91 रनों की पारी खेली थी।
बीसीसीआई द्वारा जारी वीडियो में पुजारा ने कहा यह अधिक से अधिक प्रथम श्रेणी के खेल खेलने के बारे में है और मेरे लिए, वह अनुभव बहुत महत्वपूर्ण था। जब आप फॉर्म में वापस आना चाहते हैं, जब आप अपनी लय खोजना चाहते हैं, जब आपके पास वह एकाग्रता हो, तो कुछ लंबी पारियां खेलना महत्वपूर्ण होता है। जब मैं ससेक्स के लिए खेल रहा था तो मैं यह सब कुछ कर सकता था। जब डर्बी के खिलाफ मैंने पहला शतक लगाया तो मुझे लगा कि मेरी लय वापस आ गई है, मेरी एकाग्रता और सब कुछ ठीक हो रहा था। हाँ, मैंने ससेक्स के साथ अच्छा समय बिताया।
पुजारा ने कहा कि उन्हें काउंटी मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने का भरोसा है, क्योंकि वह पहले से ही रणजी ट्रॉफी में अच्छी फॉर्म में थे। 34 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, मैंने रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के लिए तीन मैच खेले। वहां भी मुझे अपनी लय मिली और मुझे पता था कि मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं। यह एक बड़ा स्कोर प्राप्त करने के बारे में था और इसलिए जब पहले मैच में शतक लगाया तो लगा कि अब सब कुछ सामान्य हो गया है।
इंग्लैंड के खिलाफ 1 जुलाई को शुरू होने वाले टेस्ट मैच से पहले टीम इंडिया को एक प्रैक्टिस मैच भी खेलना है। इस मुकाबले में पुजारा के साथ जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत और प्रसिद्ध कृष्णा भारत के खिलाफ खेलते हुए नजर आएंगे।
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