Home » जो जेल से बेल पर हैं वही लोग जांच एजेंसी पर दबाव बना रहे हैं : स्मृति ईरानी

जो जेल से बेल पर हैं वही लोग जांच एजेंसी पर दबाव बना रहे हैं : स्मृति ईरानी

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सोनिया और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि देश में भ्रष्टाचार के समर्थन में कांग्रेश पार्टी अब सड़क पर उतर कर जांच एजेंसी पर दबाव बना रही है। स्मृति ईरानी ने कहा कि जो जेल से बेल पर हैं उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बुलाकर विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका भ्रष्टाचार पकड़ा गया है। देश की जांच एजेंसी पर दबाव डालने के लिए वरिष्ठ नेताओं के विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है जांच एजेंसी पर दबाव डालना खुलेआम कांग्रेस की इस रणनीति को पूरी देश की जनता देख रही है। स्मृति ईरानी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राहुल गांधी को जांच एजेंसी ने तलब किया है इसको लेकर उनको क्या परेशानी है किसी को समझ नहीं आ रही है। 1938 के दशक में नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशन के लिए कंपनी गठित होती है उस कंपनी का नाम एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड है। उस वक्त शेयर होल्डर 5000से ज्यादा स्वतंत्रता सेनानी थे। आज गांधी परिवार का उस कंपनी पर कब्जा है।

इस अखबार के लिए स्वतंत्रता सेनानी शेयर होल्डर्स सुनिश्चित किए गए और उसकी शेयर होल्डिंग गांधी परिवार को इसलिए दिए गए कि ताकि वे अखबार का प्रकाशन नहीं करे, बल्कि रियल स्टेट का बिजनेस है। साल 2008 में इस कंपनी ने अपने उपर 90 करोड़ रूप्ये का कर्ज चढ़ा लिया था और तय किया था कि यह कंपनी अब रियल स्टेट की बिजनेस में उतरेगी। साल 2010 में 5 लाख रूप्ये के निवेश से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनायी गयी। कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी इस कंपनी में निदेशके रूप् में शामिल हुए। 75 प्रतिशत गांधी परिवार की हिस्सेदारी थी। बाकी हिस्सेदारी उनके माता जी के पास और मोतिलाल वोरा, आस्कर फर्नांडीस आदि नेताओं के पास थी। स्मृति ईरानी ने कहा कि इसके बाद एजेएल नौ करोड़ शेयर यंग इंडियन लिमिटेड को दिए जाते हैं। नौ करोड़ शेयर के साथ् यंग इंडियन लिमिटेड को इस कंपनी के 99 प्रतिशत शेयर हासिल होते हैं।कांग्रेस पार्टी कंपनी को एजेएल को 90 करोड़ रूप्ये का लोन देती है और बाद में कांग्रेस पार्टी इस लोन को माफ कर देती है।
कांग्रेस पार्टी के लोगों और उन समर्थकों से सवाल है कि उन डोनरो ने कांग्रेस पार्टी के लिए राशि दिया ताकि कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक गतिविधियों में हिस्सा ले सके। क्या उन डोनरों की मंशा थी कि उनका पैसा कांग्रेस पार्टी उस कंपनी को समर्पित कर दे जिसका मालिकाना हक गांधी खानदान के पास है। मालिनकाना हक कोई भी सामाजिक कार्य के लिए नहीं है क्योंकि यंग इंडियन ने अपनी स्थापना के वक्त कंपनी एक्ट के सेक्शन 125 तहत एक लाईसेंस लिया कि वो सिर्फ चैरिटी करें। लेकिन साल 2016 में यंग इंडियन लिमिटेड कंपनी ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने 6 वर्ष की अवधि में चैरिटी का एक भी काम नहीं किया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की ने कहा कि प्रश्न यह उठता है कि कंपनी बनायी जाती है समाज सेवा के लिए किन्तु कंपनी का अस्तित्व गांधी परिवार की सेवा तक सीमित हो जाती है। एक प्रश्न उन नेताओं से करना चाहता हूं कि जो ईडी के उपर दबाव डालने के लिए दिल्ली में उपस्थित हुए हैं। आपको राहुल गांधी मिले तो उनसे पूछिएगा कि उनका संबंध दोटेक्स मर्चेन्टाइज प्राइवेट लिमिटेड के साथ क्या है। दोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड हवाल इन्टी आपरेटर कोलकाता से संबंधित है, जो कैश के बदले बैंक चेक देते हैं। जिसकी टान्जेक्शन प्रति वित्तीय वर्ष में इंटेलिजेंस यूनिट को रेड फलैग है। जो कांग्रेस के कार्यकर्त्ता दिल्ली में एकत्रित हुए हैं उन्हें राहुल गांधी से इस बारे में पूछना चाहिए कि गांधी खानदान का संबंध दोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के साथ क्या है। क्या यह सत्य है दोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड के साथ उन कंपनियों का संबंध है जिसका संबंध सोनिया गांधी, राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका वाडा से है।
आज जो लोग जांच एजेंसी पर दबाव डालाना चाहते हैं दिल्ली हाईकोर्ट के 2019 के जजमेंट के वाक्य पर उनका आकृष्ट करूंगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि सभी शेयरों का टांसफर एजेएल से यंग इंडियन लिमिटेड को किया गया है वह गुप्त और आकर्षक लाभ के लिए यंग इंडियन कंपनी के परिसर में किया गया है। अर्थात एजेएल के उपर राहुल गांधी और सोनिया गांधी का मालिकाना हक गैर कानूनी तौर पर एजेएल की संपत्ति पर अधिकार जमाने का प्रयास है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहाइसलिए राहुल गांधी के बुलावे पर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्त्ता आज जो गतिरोध कर रहे है। इस बारे में देश को बताना चाहूंगी कि ये लोकतंत्र के बचाने का प्रयास नहीं है बल्कि गांधी खानदान की 2000 करोड़ की संपत्ति को बचाने का प्रयास है।
00

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More