नई दिल्ली । केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने आज नई दिल्ली में 20वीं पशुधन गणना के आधार पर नस्ल के अनुसार पशुधन और पोल्ट्री रिपोर्ट जारी की। इस अवसर पर मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी तथा सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन, पशुपालन विभाग के सचिव अतुल चतुर्वेदी और संयुक्त सचिव उपमन्यु बसु उपस्थित थे।
रूपाला ने पशुधन को उन्नत बनाने के लिए रिपोर्ट के महत्व पर प्रकाश डाला और नीति-निर्धारकों तथा शोधकर्ताओं के लिए इसकी उपयोगिता पर बल दिया। नस्ल के अनुसार डाटा संग्रह करने का काम 20वीं पशुधन गणना, 2019 के साथ किया गया। देश में पहली बार नस्ल के अनुसार डाटा संग्रह का काम किया गया।
डाटा एकत्रित करने का काम कागज के स्थान पर टैबलेट कंप्यूटर का इस्तेमाल करके किया गया, जो वास्तव में अनूठा प्रयास है। राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएजीआर) की मान्यता के आधार पर पशुधन तथा पोल्ट्री पक्षियों की गणना की गई। पशुधन क्षेत्र के महत्व पर विचार करते हुए नीति-निर्धारकों और शोधकर्ताओं के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वे पशुधन प्रजातियों की विभिन्न नस्लों का पता लगाएं, ताकि पशुधन प्रजातियों के उत्पाद तथा अन्य उद्देश्यों के लिए अधिकतम उपलब्धि के उद्देश्य से आनुवंशिक उन्नयन किया जा सके।