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सूचना प्रौद्योगिकी के शासकीय काम-काज में इस्तेमाल और इसके प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण

by Bhupendra Sahu

रायपुर । शासकीय काम-काज में सूचना प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल और इसके प्रभावी उपयोग पर मंत्रालय महानदी भवन में एनआईसी की छत्तीसगढ़ इकाई में डीआईओ को प्रशिक्षण दिया गया। डीडीजी और राज्य समन्वयक श्री संजय कपूर ने डी.आई.ओ. तकनीकी विकास कार्यक्रम के तहत शुरू की गई विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन की एनआईसी राज्य इकाई रायपुर में गत दिनों समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक सेवा सचिव डॉ. के.पी. सिंह और एनआईसीसीजी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में आईआईटी-भिलाई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. गगन राज गुप्ता द्वारा डिजिटल गवर्नेंस में एआई एप्लीकेशन, सिटीजन फ्रेंडली गवर्नेंस के लिए डेटा एनालिटिक्स और आईआईएम-रायपुर के आईटी एंड सिस्टम् के प्रोफेसर डॉ सुमित गुप्ता द्वारा सरकारी प्रणालियों के लिए ब्लॉकचेन के निर्माण पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी डॉ अशोक कुमार होता ने एनआईसी छत्तीसगढ़ जिला केंद्रों द्वारा शुरू की गई विभिन्न आईसीटी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। एआई, डेटा एनालिटिक्स, आरपीए, एआर/वीआर आदि जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर विचारों की प्रस्तुति दी गई। ई-गवर्नेंस मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, मिडडेमिल योजना, छात्र उपस्थिति आदि जैसी ई-गवर्नेंस परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (इमेज प्रोसेसिंग) के उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन राज्य सूचना विज्ञान केंद्र के तकनीकी निदेशक श्री सत्येश कुमार शर्मा ने किया ।

डॉ के.पी. सिंह, आईएएस, सचिव द्वारा डीआईओ की एमडब्ल्यूआर प्रणाली का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि एमडब्ल्यूआर प्रणाली का उद्देश्य अधिकारियों को अपनी तकनीकी गतिविधियों, शासन सेवाओं, ज्ञान वृद्धि, अनुसंधान और प्रकाशन में शामिल होने की स्वतंत्रता प्रदान करना है। उन्हांेने कहा कि डी.आई.ओ. और एडीओ के लिए एक मासिक कार्य रिपोर्टिंग प्रणाली शुरू करके, एक आत्म-मूल्यांकन के लिए एक मंच बनाया गया है। इससे व्यक्तिगत स्तर पर योजना बनाने में मदद मिलेगी और लक्ष्यों की उपलब्धि सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर टेली प्रैक्टिस पर ज्ञान आधारित प्रस्तुति और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित प्रश्नोत्तरी पर श्री ए.के.सोमशेखर, वैज्ञानिक एफ. प्रस्तुति दी गई। इसके अलावा प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया।

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