नई दिल्ली । देश के राजनीतिक नक्शे से पहले ही विलुप्तप्राय हो चुकी कांग्रेस पार्टी को पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भी हार का सामना करना पड़ा है। पंजाब उन चंद राज्यों में से एक था जहां कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन आज आए परिणामों ने यहां भी उसका खाता बंद कर दिया। वहीं, ऐसी स्थिति बनने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को पार्टी के सांगठनिक नेतृत्व में सुधार करने की मांग उठाई है।
थरूर ने सिलसिलेवार ट्वीट्स में कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम उन सभी कांग्रेस नेताओं के लिए दुखद हैं को इंडियन नेशनल कांग्रेस में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह भारत के उस विचार की फिर से पुष्टि करने का समय है कि कांग्रेस देश के प्रति अपने सकारात्मक एजेंडा के लिए खड़ी रही है। यह हमारे सांगठनिक नेतृत्व में ऐसे सुधार करने का समय है कि इस तरह के विचारों को एक बार फिर प्रज्जवलित किया जा सके।’
सफलता के लिए परिवर्तन को स्वीकार करना होगा: थरूर
शशि थरूर ने आगे कहा कि एक बात स्पष्ट है कि अगर हम सफल होना चाहते हैं तो हमें परिवर्तन को स्वीकार करना होगा। इसी बीच कांग्रेस के 23 नेताओं (जी-23) ने अगले 48 घंटों में एक बैठक आयोजित करने का फैसला लिया है। थरूर भी इस समूह में शामिल हैं। समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि हम अपनी पार्टी के इन परिणामों से आहत हैं।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक का भी जल्द होगा आयोजन
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को सभी में हार का सामना करना पड़ा है। पंजाब में कांग्रेस को आम आदमी पार्टी (आप) के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। उधर, कांग्रेस पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि इन चुनाव परिणामों की समीक्षा और आगे की रणनीति पर विचार करने के लिए पार्टी ने कांग्रेस कार्य समिति की एक बैठक जल्द ही आयोजित करने का फैसला किया है।