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प्राथमिक शाला खैरडीपा में नवाचारी शिक्षा केन्द्र का हो रहा संचालन

by Bhupendra Sahu

रायगढ़। कलेक्टर भीम सिंह के निर्देशन एवं डीईओ आदित्य व डीएमसी के मार्गदर्शन में शासकीय प्राथमिक शाला खैरडीपा में कार्यरत शिक्षक मुरलीधर गुप्ता द्वारा कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए स्कूल हमर घर म एवं अभिभावक की घंटी नवाचारी शिक्षा केन्द्र का संचालन किया जा रहा है। ज्ञात हो कि ग्राम खैरडीपा आदिवासी बाहुल्य पहुंच विहीन एक छोटा सा मुहल्ला है जहां केवल मजदूर तबके के लोग निवास करते हैं जिनके पास आधुनिक संसाधन उपलब्ध नहीं होने के कारण आनलाइन कक्षा में जुड़ नही पा रहे थे इसे देखते हुए शिक्षकों द्वारा नवाचारी शिक्षा स्कूल हमर घर म और अभिभावक की घण्टी कार्यक्रम चलाया गया।

जिसमें स्कूल हमर घर म कार्यक्रम के तहत शाला में दर्ज सभी बच्चों के घरों में टी एल एम सामग्री वर्णमाला चार्ट, बारह खड़ी चार्ट, गिनतीचार्ट, अल्फावेटिल चार्ट दिया गया तथा एक अभिभावक को प्रत्येक दिवस एक निर्धारित समय मे घण्टी बजाने हेतु जिम्मेदारी दिया गया। अभिभावक द्वारा निर्धारित समय में घण्टी बजाते ही बच्चे जहां भी रहेंगे घर जाकर दिए गए चार्ट के माध्यम से पढ़ेंगे। इस कार्यक्रम में पालकों का सहयोग अच्छा मिल रहा है जैसे ही घण्टी बजती है पालक भी बच्चों को पढऩे के लिए बोलते हैं। शिक्षकों द्वारा भी इसका सतत् निगरानी किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से बच्चों के स्तर में बहुत ही अच्छा सुधार देखने को मिल रहा है। शाला द्वारा गांव में भी प्रिंट रिच वातावरण का निर्माण किया गया है। चौक-चौराहे और बिजली खंबे को भी प्रिंट रिच वातावरण दिया गया है जिससे बच्चे आते-जाते खेलते-कूदते कुछ न कुछ सीख रहे हैं। स्कूल में बाउंड्री वाल नहीं होने के वावजूद शिक्षक के द्वारा हरे भरे पेड़ पौधों से सुसज्जित वाउंड्री वाल का निर्माण कर दिया गया है। यहां के बच्चों को छत्तीसगढ़ के एक एक जिलों के नाम दे दिया गया है जिससे अधिकतर बच्चे जिलों के नाम को आसानी से बता देते हैं। साथ ही भारत के राज्यों के नाम को भी बताते हैं। अवलोकन के दौरान यह पाए कि कक्षा दूसरी के बच्चे 4-5 अंको का जोड़, हासिल का घटाव व तीन अंको तक का गुणा भी कर ले रहे हैं।

स्कूल का निरीक्षण एवं अवलोकन दिनेश कुमार पटेल विकास खंड शिक्षा अधिकारी पुसौर, गुरूदेव गुप्ता संकुल शैक्षिक समन्वयक गढ़उमरिया एवं अजीम प्रेम जी फाउण्डेशन से माधुरी के द्वारा किया गया। जिसमे प्रात: 10.30 से लेकर दोपहर 2.17 बजे तक अवलोकन करते हुये बच्चो के सफलता के डगर को जानने का प्रयास किये।

सफलता की डगर यूं बयां करती है कि यहां के बच्चे छत्तीसगढ़ के जिलों का नाम, भारत के राज्यों के नाम, जिले के विकास खंड का नाम 20 तक पहाड़ा, संज्ञा, सर्वनाम, वाक्य परिवर्तन, तीनों कालों के बारे में जानकारी के साथ साथ गणितीय कौशल, लेखन व पठन कौशल व निबंध लेखन में अच्छे से प्रस्तुतिकरण करते है। इस प्रकार कोरोना काल में भी निरंतर पढ़ाई को जारी रखे है क्योंकि यहां के कार्यरत शिक्षक मुरलीधर गुप्ता ने प्रत्येक बच्चे के घर में स्कूल जैसा मौहल निर्मित किया है। साथ में शिक्षक द्वारा प्रत्येक बच्चों को गृह कार्य हेतु कापी प्रदान किया गया है जिससे शिक्षक द्वारा नियमित जांच किया जाता है। इससे बच्चों के लेखन कौशल मे वृद्धि हुआ है। अवलोकन में प्रत्येक बच्चे के कापी का अवलोकन किया गया है। शिक्षक के प्रयास से कोरोना काल में पढ़ाई-लिखाई की निरंतरता बनाये रखने में सफल हुये है। इस प्रकार खैरडीपा निरंतर शिक्षा की ओर अग्रसर होता हुआ।
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