नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि देश के छावनी क्षेत्रों में सड़कों तथा भवनों के नाम बदलकर उन वीर, साहसी तथा सेनानायकों के नाम पर रखने पर विचार किया जाना चाहिए जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। श्री सिंह ने गुरूवार को यहां रक्षा संपदा महानिदेशालय के 96 वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह सुझाव दिया। उन्होंने इस मौके पर उत्कृष्टता के लिए रक्षा मंत्री पुरस्कार 2021 भी प्रदान किये। रक्षा मंत्री ने रक्षा मंत्रालय और रक्षा संपदा महानिदेशालय को सुझाव दिया कि वे छावनी क्षेत्रों में सड़कों तथा भवनों के नाम बदलकर ऐसे वीर, साहसी और महान सेनानायकों के नाम पर रखे जाने के बारे में विचार करें जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में केन्द्रीय भूमिका निभायी है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट भी किया कि यह सुझाव किसी संकीर्ण मानसिकता से प्रेरित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन ब्रिटिश अधिकारियों या सैनिकों ने लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए अच्छा काम किया था उनकी सम्मान के साथ पहचान कर उनके नामों को नहीं बदला जाना चाहिए तथा भावी पीढियों से उनका परिचय कराया जाना चाहिए।
सिंह ने देश भर में 62 छावनी क्षेत्रों में फैले करीब 18 लाख एकड़ क्षेत्र के बेहतर प्रबंधन के लिए महानिदेशालय की सराहना की और कहा कि इन क्षेत्रों में सभी आधुनिक सुविधा मुहैया कराने के लिए निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि महानिदेशालय को छावनी क्षेत्रों में रहने वाले सशस्त्र सैन्यकर्मियों और अन्य लोगों को दी जा रही सुविधाओं को और बेहतर बनाये जाने की दिशा में प्रयास जारी रखने चाहिए। रक्षा भूमि पर कुछ जगहों पर अनाधिकृत कब्जे का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसके लिए जरूरी कदम उठाये जाने पर भी जोर दिया।
इस मौके पर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, रक्षा सचिव अजय कुमार, रक्षा सेवाओं के वित्तीय सलाहकार संजीव मित्तल तथा महानिदेशालय के महानिदेकश अजय कुमार शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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