नई दिल्ली । भारत में विशेषज्ञों की तीसरी लहर की तमाम आशंकाओं को खारिज करते हुए त्यौहारी सीजन में कोरोना संक्रमण एक प्रकार से नियंत्रण में रहा। हालांकि मामूली तौर पर कभी कम कभी ज्यादा मामले जरुर सामने आए, लेकिन वैक्सीनेशन का वार कोरोना संक्रमण पर पूरी तरह से भारी पड़ रहा है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 11,451 नए मामले आए है जबकि 266 लोगों की मौत हुई है। वहीं इस दौरान 13,204 मरीज ठीक भी हुए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना वायरस के नए मामलों के जारी उतार चढ़ाव के बीच पिछले एक माह से दैनिक नए मामले 20 हजार से नीचे ही आ रहे हैं और त्यौहारों की भीड़ के बावजूद कोरोना संक्रमण के उग्र होने की सभी संभावनाएं क्षीण हो गई हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पूरे देशभर में कोरोना से प्रभावित जिले गिने-चुने ही रह गए हैं। देश के चार राज्यों के केवल 18 जिले ही ऐसे हैं, जहां पॉजिटिविटी रेट 10 परसेंट से ज्यादा है।
पिछले एक दिन में 266 और लोगों की मौत के बाद अब तक देश में 4,61,057 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी घटकर 1,42,826 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.42 प्रतिशत है। इस दौरान उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 2,019 की कमी दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.24 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 108.47 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।
प्रभावित जिलों में भी कम होने लगा असर
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संक्रमण की रफ्तार के हिसाब से जिलों को तीन कैटेगरी में बांटा है। इनमें 5 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट, 5 से 10 फीसदी के बीच पॉजिटिविटी रेट और 10 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिले हैं। 10 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों की संख्या तीन अक्टूबर को 33 थी। 22 अक्टूबर तक यह संख्या घटकर 28 पर आ गई। वहीं 6 नवंबर को खत्म हुए फेस्टिव वीक को अब ऐसे जिले केवल 18 रह गए हैं। अभी तक 10 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिले 10 राज्यों तक थे। अब यह केवल चार राज्यों, केरल, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड हैं। केरल में 9, मिजोरम में 7 और अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के एक-एक जिले ऐसे हैं।