किसी भी तरह के पौधे का विकास उसकी मिट्टी पर निर्भर करता है, इसलिए हमेशा पौधों के हिसाब से ऐसी मिट्टी का चयन करें जिसमें सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में मौजूद हों। जिस तरह पौधे अलग-अलग तरह के होते हैं, ठीक वैसे ही इनके गमले में डाली जानी वाली मिट्टी भी अलग-अलग होती हैं। आइए आज आपको गार्डन में इस्तेमाल की जाने वाली तरह-तरह की मिट्टी के बारे में विस्तार से बताते हैं।
रेतीली मिट्टी
गार्डन के लिए बेहतरीन मानी जाने वाली रेतीली मिट्टी ज्यादातर रेगिस्तान के इलाकों में पाई जाती है और इसकी प्रकृति किरकिरी और दानेदार होती है। वैसे यह मिट्टी भारत के हर इलाके में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। ध्यान रखें कि यह मिट्टी उन पौधों के लिए अधिक बेहतर है जिन्हें पानी की अधिक आवश्यकता होती है क्योंकि रेत जल्द ही पानी को अपने अंदर सोख लेता है और पौधों में लंबे समय तक नमी बनाए रखता है।
पीट मिट्टी
अमूमन लोग पीट मिट्टी को दलदली मिट्टी के नाम से जानते हैं और यह पौधे के विकास के लिए काफी अच्छी मानी जाती है। शायद आप इस बात से वाकिफ न हो लेकिन ज्यादातर किसान भी फसल के उत्पादन और अच्छे विकास के लिए इसी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इसमें फास्फोरस की मात्रा कम होती है और ये नमक के साथ-साथ कई पोषक तत्वों से समृद्ध होती है। आप भी इस मिट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
दोमट मिट्टी
दोमट मिट्टी को गार्डन के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है क्योंकि इस मिट्टी की प्रकृति बहुत उपजाऊ होती है। इसका मुख्य कारण यह है कि इस मिट्टी में चिकनी मिट्टी, रेत और गाद मिट्टी की बराबर मात्रा मौजूद होती है। इस मिट्टी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह नमी को बनाए रखती है और उचित जल निकासी भी करती है। इसके साथ ही इससे पौधों की जड़ों तक हवा का प्रवाह भी अच्छे से पहुंचता है।
शुष्क मिट्टी
आप चाहें तो अपने गार्डन के पौधों के लिए शुष्क मिट्टी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। शुष्क मिट्टी को पौधों में डालने के कई फायदे हैं क्योंकि इसमें मैग्नीशियम और सल्फर जैसे कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो पौधों को जरूरी पोषण प्रदान करते हैं। बेहतर होगा कि आप इस मिट्टी का इस्तेमाल अनाज या सब्जियों के पौधों के लिए करें क्योंकि यह उनके लिए लाभदायक होती है।
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