लंदन । अदाणी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा है कि उनके समूह की कंपनियों नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 50 से 70 अरब डॉलर का निवेश करने की तैयारी कर रही है। श्री अदाणी ने यहां लंदन म्यूजियम में आयोजित निवेश सम्मेलन में कहा कि उनकी कंपनियों ने वर्ष 2030 तक अपने पूंजी निवेश में से 70 फीसदी इस क्षेत्र में निवेश करने की योजना बनायी है। उन्होंने हाइड्रोजन को गेम चेंजर बताया और कहा कि अदाणी का ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो का विस्तार होगा और वह दुनिया का सबसे बड़ा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन बन जायेगा। अगले दशक में अदाणी समूह की एनर्जी और यूटिलिटी क्षेत्र की कंपनियां नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इस क्षेत्र में कुल निवेश 50 अरब से 70 अरब डॉलर का होगा।
श्री अदाणी ने कहा कि वर्ष 2030 तक निर्धारित पूंजी निवेश में से 70 फीसदी टिकाऊ प्रौद्योगिकी में होगा जिसमें इलेक्ट्रोलाइजर विनिर्माण के लिए संभावित साझेदार में निवेश भी शामिल है। सोलर और पवन ऊर्जा के उत्पादन के लिए उपकरण आदि के विनिर्माण के एकीकरण में भी निवेश किया जायेगा। इसके साथ ही एआई आधारित यूटिलिटी और औद्योगिक क्लाडउ प्लेटफॉर्म भी बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारती में लागत और स्थान के महत्व को देखते हुये उनकी कंपनी दुनिया का सबसे महंगे इलेक्ट्रान का उत्पादन करेगी और वर्ष 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादक बन जायेगी। यह वैश्विक निवेश सम्मेलन का आयोजन ब्रिटेन की सरकार द्वारा आयोजित किया था। इसमें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन , शाही परिवार के सदस्य , ब्रिटिश सांसद, प्रौद्योगिकीविद और वैश्विक निवेशकों ने भाग लिया है।