Home » ऊं साई धाम दुर्गोत्सव समिति संतोषी पारा में विराजे मां दुर्गा का स्वरूप बना आकर्षण का केंद्र… शंख, घडिय़ाल की धुन के बीच सुबह-शाम माता की हो रही महाआरती… मां अंबे के भजनों से क्षेत्र हुआ भक्तिमय… पढ़े पूरी खबर

ऊं साई धाम दुर्गोत्सव समिति संतोषी पारा में विराजे मां दुर्गा का स्वरूप बना आकर्षण का केंद्र… शंख, घडिय़ाल की धुन के बीच सुबह-शाम माता की हो रही महाआरती… मां अंबे के भजनों से क्षेत्र हुआ भक्तिमय… पढ़े पूरी खबर

by Bhupendra Sahu

न्यूज 24 भारत की खास रिपोर्ट…

भिलाई। शारदीय नवरात्र की भिलाई में धूम मची हुई है। देवी मंदिरों में मनोकामना ज्योति प्रज्जवलित कर जंवारा बोया गया है। जगह-जगह माता रानी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। वही इस्पात नगरी भिलाई के संतोषी पारा में ऊं साई धाम दुर्गोत्वस समिति में माता की मूर्ति आकर्षण का केंद्र बन गया है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त मां का दर्शन करने पहुंच रहे हैं। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमडऩे लगती है पंचमी पर श्रद्धालुओं ने माता का श्रृंगार चूड़ी, बिंदी, चुनरी, सिंदूर, नथ बिंदिया अर्पण कर माता की विशेष पूजा अर्चना की। जसगीत मंडली द्वारा हर रोज सेवा गीत प्रस्तुत किया जा रहा है। शंख, घडिय़ाल की धुन के बीच सुबह-शाम माता की महाआरती की जा रही है। तो वहीं आस्था की ज्योति से दुर्गा स्थल जगमग हो रहा है।

हर साल भव्य तरीके से कर रहे माता की सेवा – प्रदीप सिंह
समिति के अध्यक्ष प्रदीप सिंह ने बताया कि ऊं साई धाम दुर्गोत्सव समिति का यह आठवा वर्ष है। हर साल भव्य तरीके से माता की सेवा करते आ रहे है। हर साल की भांति इस वर्ष भी माता की महाआरती शंख, घडिय़ाल की धुन के बीच सुबह-शाम कर रहे है।

श्री प्रदीप ने आगे बताया कि ऊं साई धाम समिति में युवाओं की टीम है जो दिन-रात माता की सेवा में तत्पर है। मोहल्लेवासी की माताएं और बहने भी जोर शोर से माता की सेवा में लगे हुए है। कोरोना के मद्देनजर इस बार भी नवरात्र पर भव्य आयोजन नही कराये है। कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए बारी-बारी से भक्त मां के दर्शन कर रहे है। ज्यादा भीड़ न हो इसलिए समिति द्वारा विशेष तैयारी की गई है। दूर से ही भक्त मां का दर्शन कर पूजन अभिषेक कर रहे है।

श्री प्रदीप ने आगे बताया कि 10 अक्टूबर को पंचमी पूजा में दुर्गा का विशेष श्रृंगार व पूजा किया गया। दुर्गा अष्टमी 13 अक्टूबर को पूर्णाहुति हवन के साथ संपन्न हुआ। 14 अक्टूबर को नौवीं तिथि में कन्या पूजन के साथ माता को छप्पन भोग भी लगाया जाएगा। 15 अक्टूबर को दशहरे क दिन महाभण्डारा प्रसाद भी वितरति किया जायेगा। 16 अक्टूबर दिन शनिवार को दुर्गा प्रतिमाओं जोत जंवारा व जोत विसर्जन होगा।

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