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आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल की सुपोषण वाटिका से मिल रहा है नन्हें-मुन्हें बच्चों और गर्भवती माताओं को पौष्टिक भोजन : पोषण सामग्री की उपलब्धता के साथ-साथ पर्यावरण सुरक्षा का भी दे रहा है संदेश

by Bhupendra Sahu

जगदलपुर । आदिवासी बाहुल्य बस्तर जिले के तोकापाल विकासखण्ड के केशलूर सेक्टर के अन्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल की सुपोषण वाटिका एक आदर्श सुपोषण वाटिका बनकर छत्तीसगढ़ सरकार के सुपोषण मुक्ति अभियान के परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्णं योगदान दे रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल की यह सुपोषण वाटिका पौष्टिक खाद पदार्थों की सुगम उपलब्धता के स्थान बनने के अलावा हरी-भरी साग-सब्जी और फलदार वृक्षों के कारण लोगों को पर्यावरण सुरक्षा का भी संदेश दे रहा है। इस सुपोषण वाटिका से आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल के नन्हें-मुन्हें बच्चों के अलावा ग्राम एरण्डवाल की गर्भवती माताओं को भी ताजी हरी-भरी सब्जी के रूप में पौष्टिक भोजन मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य को कुपोषण से मुक्ति दिलाना भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष प्राथमिकता में शामिल है। राज्य शासन के इस कार्य को कलेक्टर श्री रजत बंसल के मार्गदर्शन में बस्तर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने तथा सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों को आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु तेजी से कार्य किए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के सहयोग से जुलाई 2019 से बनाए गए आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल के इस सुपोषण वाटिका में पोषणयुक्त हरी-भरी सब्जियों की समुचित उपलब्धता एवं हरियाली के कारण लोगों के लिए आकर्षण का भी केन्द्र बन गया है। इस आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ता श्रीमती सुशीला ठाकुर, एवं साहायिका श्रीमती सामबती मौर्य ने बताया कि इस कुपोषण वाटिका के निर्माण के पूर्व उन्हें आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों एवं गर्भवती माताओं के लिए ताजी हरी-भरी सब्जियों की व्यवस्था के लिए बाजार एवं सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों के पास जाना पड़ता था।

लेकिन हमारे आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषण वाटिका के निर्माण से जरूरत के हिसाब से लगभग पूरी मात्रा में ताजी हरी सब्जियां आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि हमारे इस पोषण वाटिका केन्द्र में सेम, कद्दू, पपीता, लौकी, बरबट्टी आदि के अलावा भाजियां भी उगाई गई है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केन्द्रों में और भी सब्जियां एवं पौधे लगाए जाने की भी योजना है। इस पोषण वाटिका से जरूरत के हिसाब से पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक साग-सब्जी मिलने से सब्जियों की व्यवस्थाओं के लिए बाजार एवं अन्य सब्जी विक्रताओं के पास बहुत ही कम जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि इस आंगनबाड़ी केन्द्र के सुपोषण वाटिका को उत्कृष्ट सुपोषण वाटिका के रूप में सम्मानित भी किया जा चूका है।

इस आंगनबाड़ी केन्द्र के सुपोषण वाटिका की सराहना आंगनबाड़ी केन्द्र में पौष्टिक भोजन करने के लिए आने वाले गर्भवती माता लक्ष्मी, शांति एवं सुधनी ने भी की है। उन्होंने कहा कि हम सभी गर्भवती माताओं को पौष्टिक भोजन के साथ आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल के सुपोषण वाटिका की ताजी सब्जियां भी प्रदान की जा रही है। इन महिलाओं ने बताया कि इस सुपोषण वाटिका की सब्जियां बहुत ही स्वादिष्ट हैं। इस प्रकार से आंगनबाड़ी केन्द्र एरण्डवाल की सुपोषण वाटिका एक आदर्श सुपोषण वाटिका बनकर हमारे नौनिहालों की सुरक्षा के साथ-साथ राज्य सरकार की कुपोषण मुक्ति अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्णं भूमिका निभा रहा है।

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