अनुसूचित जाति विकास विभाग के लिए 573 करोड़ रूपए की अनुदान मांग पारित
अनुसूचित जाति उपयोजना में 12 हजार 970 करोड़ का प्रावधान, छात्रों और आजीविका पर जोर
सीजी एसीई, यूपीएससी, सीजीपीएससी सहित बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उड़ान, शिखर और मंजिल’ से मिलेगा युवाओं को विशेष अवसर
छात्रावास नहीं मिलने वाले विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना: ढाई करोड़ रूपए का प्रावधान
विभिन्न जिलों में छात्रावास भवनों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान
सतनाम पंथ के तीर्थ स्थलों का होगा विकास, गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में नई सुविधाएं
रायपुर अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के विभाग के लिए 12 हजार 970 करोड़ रूपए की अनुदान मांगें विधानसभा में आज पारित कर दी गई है।
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 के लिए अनुसूचित जाति विकास विभाग के अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि हमारी सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े अनुसूचित जाति वर्गों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रातः स्मरणीय, विश्ववंदनीय परम् पूज्य बाबा गुरु घासीदास बाबा जी के मनखे-मनखे एक समान के संदेश पर चल रही है। इसी कड़ी में सरकार अनुसूचित जातियों की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मंत्री श्री साहेब ने बताया कि अनुसूचित जाति कल्याण हेतु 7 करोड़ 15 लाख 39 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति उपयोजना हेतु 565 करोड़ 89 लाख 8 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार कुल बजट 573 करोड़ 4 लाख 47 हजार रुपये बजट का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष के मुख्य बजट 531 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये की तुलना में 7.88 प्रतिशत अधिक है।
अनुसूचित जाति उपयोजना में बड़ा प्रावधान
मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य के मुख्य बजट में अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों के माध्यम से 12,970 करोड़ 2 लाख 45 हजार रुपए का समेकित बजट प्रावधान किया गया है। यह राशि विकास और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
नई योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए
गुरु खुशवंत साहेब ने सदन में बताया कि बजट में कई नई योजनाओं के लिए प्रावधान किया गया है। इनमें अनुसूचित जाति विकास संचालनालय की स्थापना के लिए 30 नए पदों के सृजन हेतु 2 करोड़ 26 लाख 4 हजार रुपये का प्रावधान शामिल है। परंपरागत चर्म शिल्प व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका सुधारने के लिए प्रशिक्षण और सामग्री उपलब्ध कराने हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 342 प्री-मैट्रिक छात्रावास, 92 पोस्ट-मैट्रिक छात्रावास और 51 आश्रम संचालित हैं, जिनमें कुल 25 हजार 927 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने बताया कि भवन विहीन संस्थाओं के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, जशपुर और बेमेतरा जिलों में छात्रावास, क्रीड़ा परिसर और आवासीय विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रदेश के बड़े शहरों छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाने पर विद्यार्थियों को सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत 2 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही विद्यार्थियों के शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नई योजना के तहत
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु सीजी-अस्सिटेंस फॉर कम्पेटीटिव एक्जामिनेशन योजना शुरू किया जाएगा। इसके तीन घटक क्रमशः ‘उड़ान’, ‘शिखर’ और ‘मंजिल’ के लिए कुल 7 करोड़ 47 लाख 70 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग, मेडिकल, यूपीएससी, सीजीपीएससी, एसएससी, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी हमारे युवा प्रतिभागी कर सकेंगे।
धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों का विकास
मंत्री श्री साहेब ने बताया कि सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास से जुड़े तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। गिरौदपुरी-भण्डारपुरी क्षेत्र में सोलर स्ट्रीट लाइट, सतनाम मार्ग के विकास और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए राशि का प्रावधान की गई है। इसके लिए कुल 2.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।
अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण को बढ़ी राशि
सरकार ने अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों के विकास के लिए गठित प्राधिकरण के बजट में 25 करोड़ रुपये की वृद्धि करते हुए इसे 75 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। मंत्री श्री साहेब ने कहा कि सामाजिक समरसता के संदेश “मनखे-मनखे एक समान” को आधार बनाकर सरकार अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान और विकास के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।