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एमसीबी में डिजिटल जनगणना 2027 की बड़ी तैयारी, दो दिवसीय प्रशिक्षण का हुआ सफल समापन

by Bhupendra Sahu

जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल डेटा सुरक्षा और रियल-टाइम मॉनिटरिंग पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण

एमसीबी ।  जिले में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण का आज दूसरा और अंतिम सत्र संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार एवं श्रीमती नम्रता डोंगरे ने की। वहीं राजधानी रायपुर से आए सहायक निदेशक मनोज महिलांगे, बलवंत सोमकुवर तथा एमसीबी नोडल ऑफिसर अतुल बंसल उपस्थित थे। वहीं सहायक निदेशक मनोज महिलांगे ने अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तार से बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी।

प्रशिक्षण में चार्ज एडमिन, चार्ज यूजर, प्रगणक, सुपरवाइजर, फील्ड ट्रेनर एवं पर्यवेक्षकों को बताया गया कि इस बार कागजी प्रपत्रों के स्थान पर मोबाइल एप और डिजिटल उपकरणों से घर-घर की जानकारी दर्ज की जाएगी। भारत सरकार के Census Monitoring & Management System (CMMS) के माध्यम से पूरा कार्य रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के साथ किया जाएगा। नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों को चरणबद्ध और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
सहायक निदेशक मनोज महिलांगे ने विस्तार से समझाया कि घरों की गणना केवल सदस्यों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आवासीय सुविधाओं का भी डिजिटल रूप से संकलन किया जाएगा। यदि किसी घर में नल से पेयजल की सुविधा है तो एप में “नल कनेक्शन” विकल्प चुना जाएगा, यदि हैंडपंप, कुआं या टैंकर से पानी लिया जाता है तो संबंधित विकल्प दर्ज किया जाएगा, जिससे जिले में सुरक्षित पेयजल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। इसी प्रकार बिजली सुविधा की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। घर में नियमित बिजली कनेक्शन, सोलर पैनल या अन्य व्यवस्था होने पर उसकी अलग-अलग प्रविष्टि की जाएगी।
गाड़ियों की गणना के संबंध में बताया गया कि परिवार के पास साइकिल, मोटरसाइकिल, कार या अन्य वाहन है तो उसकी अलग प्रविष्टि की जाएगी, जिससे आर्थिक स्थिति और संसाधनों का समुचित आकलन संभव हो सके। स्वच्छता सुविधाओं के संदर्भ में भी विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी। घर में व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक शौचालय अथवा अन्य व्यवस्था होने की स्थिति स्पष्ट रूप से अंकित की जाएगी। महिलांगे ने बताया कि प्रत्येक घर को यूनिक हाउस आईडी प्रदान की जाएगी। प्रगणक द्वारा मोबाइल एप में जानकारी सेव करते ही डेटा पहले सुरक्षित रूप से डिवाइस में एन्क्रिप्ट होकर संग्रहित होगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही भारत सरकार के सुरक्षित सर्वर पर अपलोड हो जाएगा। प्रत्येक प्रविष्टि के साथ जीपीएस लोकेशन और समय दर्ज होगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। सुपरवाइजर द्वारा यादृच्छिक सत्यापन कर डेटा की शुद्धता जांची जाएगी और सत्यापन के पश्चात ही डेटा फाइनल लॉक किया जाएगा। प्रशिक्षण में डिजिटल मैपिंग, हाउस लिस्टिंग, रीयल-टाइम प्रगति रिपोर्ट, साइबर सुरक्षा और गोपनीयता नियमों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही सांख्यिकी अन्वेषक बलवंत सोमकुवर ने जनगणना 2027 की तैयारियों के अंतर्गत प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आँकड़ा नैतिकता, गोपनीयता तथा मोबाइल उपकरण सुरक्षा पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। मनेन्द्रगढ़द-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आयोजित इस सत्र का उद्देश्य फील्ड स्तर पर एकत्रित आँकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नागरिकों की निजता की रक्षा करना रहा। प्रशिक्षण में मोबाइल उपकरणों की सुरक्षा पर विशेष बल दिया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या को सुरक्षित रखने, चेहरे की पहचान अथवा उंगली छाप से ताला लगाने तथा स्वतः ताला लगने की समय-सीमा निर्धारित करने की जानकारी दी गई। एंड्रॉइड और आईफोन दोनों प्रकार के मोबाइल में अविश्वसनीय प्रोफाइल और प्रशासक अनुप्रयोग हटाने, प्ले प्रोटेक्ट जैसी सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय रखने तथा उपकरण प्रशासक नियंत्रण की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक वायरलेस इंटरनेट और सार्वजनिक चार्जिंग पोर्ट के उपयोग से बचने की सलाह दी गई।
धोखाधड़ी वाले संदेश, क्यूआर कोड ठगी और एकबारगी पासकोड की मांग से जुड़े मामलों से बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अज्ञात लिंक, खाता अद्यतन या सत्यापन के नाम पर भेजे गए संदेशों से दूर रहने, नकली पर्यवेक्षक संदेशों की पहचान करने तथा किसी भी परिस्थिति में मोबाइल उपकरण किसी अन्य व्यक्ति को न सौंपने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। मोबाइल या सिम कार्ड खोने अथवा चोरी होने की स्थिति में तुरंत सूचना देने, अनुप्रयोग का पुनः पंजीकरण करने और केवल केंद्रीय प्रबंधन सर्वर पर ही आँकड़े समकालित करने की प्रक्रिया समझाई गई। हाउस लिस्टिंग मोबाइल अनुप्रयोग के सुरक्षित उपयोग, नियमित अंतराल पर आँकड़े अपलोड करने, क्षेत्रीय पहचान और हाउस लिस्टिंग ब्लॉक आवंटन की पुष्टि तथा भाषा चयन में सावधानी बरतने पर मार्गदर्शन दिया गया। ग्राम और नगर रजिस्टर की भूमिका तथा पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा, निगम कमिश्नर रामप्रसाद आंचला, समस्त एसडीएम, समस्त जनपद सीईओ, समस्त तहसीलदार, व्याख्याता तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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