नई दिल्ली । गेल (इंडिया) लिमिटेड ने उज्ज्वल क्षितिज 2026 नाम से एक विशेष प्रकाश परियोजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य कंपनी के प्रतिष्ठित जुबिली टॉवर को आधुनिक लाइटिंग तकनीक से रोशन करना और उसकी पहचान को और मजबूत बनाना है। इस परियोजना में उन्नत प्रोजेक्शन मैपिंग तकनीक का उपयोग किया गया है।
जुबिली टॉवर 21 मंजिला इमारत है, जिसकी ऊँचाई लगभग 120 मीटर है। इसका उद्घाटन 3 अप्रैल 2014 को हुआ था। इसकी विशिष्ट गोलाकार डिज़ाइन और आकर्षक बाहरी बनावट इसे एक खास पहचान देती है। यह टॉवर डीएनडी फ्लाईवे, नोएडा बाईपास फ्लाईओवर, बारापुला फ्लाईओवर और दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से साफ दिखाई देता है। उद्घाटन के समय यह आसपास की सबसे ऊँची इमारत थी और लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती थी।
पिछले दस वर्षों में आसपास कई ऊँची इमारतें बन जाने से जुबिली टॉवर की दृश्य पहचान थोड़ी कम हो गई थी। उज्ज्वल क्षितिज परियोजना के तहत गेल ने इस टॉवर की अलग पहचान को बनाए रखने और शाम व रात के समय इसकी रोशनी को और बेहतर बनाने का फैसला किया। इससे पहले 2016 और 2019 में भी लाइटिंग के प्रस्ताव बने थे, लेकिन कुछ कारणों से उन्हें पूरा नहीं किया जा सका। वर्ष 2025 में इस परियोजना को दोबारा पूरी योजना और प्रबंधन के सहयोग से सफलतापूर्वक लागू किया गया।
प्रोजेक्शन आधारित लाइटिंग एक विशेष तकनीक है, इसलिए गेल ने एक विशेषज्ञ सलाहकार की मदद ली। इस टीम ने उन स्थानों का दौरा किया, जहाँ इस तरह की तकनीक पहले से सफलतापूर्वक लगाई गई थी। नई तकनीक के लाइव प्रदर्शन भी आयोजित किए गए, ताकि सही सिस्टम और उसकी गुणवत्ता तय की जा सके।
इस परियोजना का अनुबंध 13 अक्टूबर 2025 को दिया गया और इसे तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। बेहतर योजना और विभागों के आपसी सहयोग से यह काम ढाई महीने में ही पूरा कर लिया गया।
इस लाइटिंग सिस्टम में अत्याधुनिक 43,000 ल्यूमेन क्षमता वाले 3-चिप डीएलपी प्रोजेक्टर लगाए गए हैं। इनके साथ उच्च गुणवत्ता वाले सर्वर और 200 केवीए का यूपीएस (अनइंटरप्टेड पावर सप्लाई) लगाया गया है, ताकि बिजली कटने पर भी सिस्टम बिना रुके काम करता रहे। ये मौसम-रोधी प्रोजेक्टर चार विशेष मजबूत संरचनाओं पर लगाए गए हैं, जो 180 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा को भी सहन कर सकते हैं। पूरा सिस्टम सात वर्षों की वारंटी और वार्षिक रखरखाव सुविधा के साथ कवर किया गया है।
उज्ज्वल क्षितिज के माध्यम से गेल ने यह दिखाया है कि वह आधुनिक तकनीक और बेहतर बुनियादी ढांचे के जरिए अपनी पहचान और ब्रांड को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल कंपनी के प्रमुख वास्तु चिह्न को नई ऊर्जा और नई चमक प्रदान करती है।