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जिला अस्पताल में एक दिवसीय वृहद हृदय जांच शिविर का आयोजन

by Bhupendra Sahu

448 बच्चों की हुई हृदय जांच, पॉजिटिव 20 बच्चों का रायपुर में होगा ईलाज
हृदय स्वास्थ्य के लिए दिनचर्या में बदलाव जरूरी- मंत्री श्री नेताम

बलरामपुर  जिला अस्पताल बलरामपुर में जिला प्रशासन एवं दीन-हीन सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में निवासरत लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक दिवसीय निशुल्क हृदय जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया।

जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में आदिम जाति विकास, किसान कल्याण एवं पशुपालन मंत्री श्री रामविचार नेताम शामिल हुए। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा नेताम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री धीरज सिंहदेव, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का, उपाध्यक्ष श्री दिलीप सोनी, जनपद अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, गणमान्य नागरिक श्री भानुप्रकाश दीक्षित, श्री दीनानाथ यादव, श्री गोपाल कृष्ण मिश्र सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मरीजों के परिजन और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।
इस दौरान मंत्री श्री नेताम ने उपस्थित अतिथियों’ के साथ जिला अस्पताल में चल रहे जांच शिविर का निरीक्षण किया और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दी जा रही सेवाओं का अवलोकन किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनका कुशलक्षेम जाना। शिविर जांच हेतु लगभग 448 पंजीयन किया गया। जिसमे 20 बच्चे पॉजिटिव पाए गए। जिन्हें उच्च उपचार हेतु रायपुर भेजा जाएगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि बदलती जीवनशैली और स्वास्थ्य स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनियमित खानपान और नशापान की बढ़ती प्रवृत्ति ही हृदय के अस्वस्थ होने का सबसे बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के शरीर में हृदय सबसे महत्वपूर्ण अंग है और इसे स्वस्थ रखने के लिए हमें अपनी दिनचर्या और आदतों में बदलाव लाने होंगे।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि अब केवल वयस्कों में ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चों में भी बचपन से हृदय की बीमारियां देखी जा रही हैं जो चिंताजनक है। इसके कारणों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि जब बच्चे गर्भ में होते हैं, तब माताओं को उचित पोषण और संतुलित आहार न मिल पाना इसका मुख्य कारण है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को समझाया कि बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए घर का पारिवारिक वातावरण अनुकूल होना बेहद जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि पौष्टिक भोजन के साथ-साथ उसे पचाने के लिए शारीरिक श्रम भी अनिवार्य है, तभी हम हृदय रोगों से बच सकते हैं। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने जिला प्रशासन एवं दीन-हीन सेवा समिति की संयुक्त तत्वाधान आयोजित शिविर की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंद लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई यह पहल सराहनीय है। मंत्री ने आयोजन की सफलता का श्रेय जन-समर्थन को देते हुए कहा कि किसी भी बड़े कार्य के लिए लोगों का सहयोग आवश्यक होता है और आप सभी के सहयोग से ही जरूरतमंदों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल पा रही है।
शिविर में एमएमआई नारायण हॉस्पिटल रायपुर से आए सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुमंता शेखर पाढ़ी ने भी लोगों को महत्वपूर्ण चिकित्सा परामर्श दिया। उन्होंने कहा की कि मनुष्यों में हृदय रोग होने का एक प्रमुख कारण नशापान है। डॉ. पाढ़ी ने वहां मौजूद सभी लोगों से नशा न करने की अपील की और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। दीन-हीन सेवा समिति की संस्थापक श्रीमती मनीषा सिंह ने बताया कि इस शिविर का आयोजन विशेष रूप से हृदय रोग से ग्रसित बच्चों और उन वर्गों के लिए किया गया है जो अक्सर बेहतर चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि नशापान से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ती है, बल्कि घर में मौजूद गर्भवती माताओं और उनके शिशुओं के स्वास्थ्य पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसके लिए सभी को दैनिक दिनचर्या में बदलाव कर सही खान पान को अपनाना होगा।
इस अवसर पर मंत्री ने सेवाभाव के लिए रायपुर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों और उनकी पूरी टीम को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

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