बैंक ऋण वापसी सुनिश्चित करने हेतु पंचायत सचिवों को दी जिम्मेदारी
सुकमा जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति को लेकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर की अध्यक्षता में गुरूवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम-बिहान) की प्रगति की गहन समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर विशेष जोर
सीईओ श्री ठाकुर ने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए। लंबित आवासों की शत-प्रतिशत स्वीकृति एक सप्ताह के भीतर पूर्ण की जाए। अपात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। वर्ष 2016-17 से 2022-23 तक के सभी पुराने लंबित आवासों एवं द्वितीय किश्त प्राप्त आवासों को मार्च माह तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। श्री ठाकुर ने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करते हुए लक्ष्य की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए।
‘लखपति दीदी’ योजना से महिलाओं का सशक्तिकरण
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ‘लखपति दीदी’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक विकासखंड से न्यूनतम दो ग्राम पंचायतों को योजना के तहत पूर्ण सैचुरेशन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। साथ ही पंचायत सचिवों को स्वयं सहायता समूहों के गठन, बैंक खाता खोलने एवं आधार सीडिंग में सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने तथा समूहों द्वारा लिए गए ऋण की समय पर वापसी कराने के निर्देश दिए गए। मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन में भी लक्ष्य अनुसार तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
समय-सीमा में लक्ष्य पूर्ति पर जोर
सीईओ श्री ठाकुर ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ समय-सीमा में पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। इसके लिए विकासखंड स्तर पर नियमित समीक्षा, प्रभावी निगरानी एवं विभागीय समन्वय आवश्यक है। बैठक में उप संचालक पंचायत श्री रविशंकर वर्मा सहित सभी जनपद सीईओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।