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खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू की जाएगी : निर्मला सीतारमण

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का शुभारंभ किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार प्रस्तावित पार्कों के लिए चैलेंज मोड चयन प्रक्रिया के जरिए टेक्सटाइल इकोसिस्टम में विकास को तेज करना चाहती है। उन्होंने कहा, मैं चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव करती हूं। मैं खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं। इस योजना के जरिए खादी हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट को ग्लोबल मार्केटिंग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, ओडीओपी योजना को मजबूती मिलेगी और बुनकरों को बेहतर ट्रेनिंग मिलेगी।
वित्त मंत्री ने भारत के लेबर-इंटेंसिव टेक्सटाइल सेक्टर के सहयोग के लिए एक बड़े एकीकृत कार्यक्रम की भी घोषणा की। इस कार्यक्रम में 7 मुख्य हिस्से हैं, जिनमें से हर एक का मकसद उत्पादन, कौशल विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाना है।
वस्त्र उद्योगों के लिए एकीकृत कार्यक्रमों में खादी, हथकरघा और हस्तशिल्पों को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शामिल है। वस्त्र कौशल इको-सिस्टम को बढ़ावा और आधुनिकता के लिए समर्थ 2.0 मिशन, जबकि प्राकृतिक, मानव निर्मित और न्यू ऐज फाइबर में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना का जिक्र है।
इसके अलावा, परम्परागत टेक्सटाइल क्लस्टर को आधुनिक बनाने के लिए वस्त्र उद्योगों का विस्तार और रोजगार योजना, जारी योजनाओं के एकीकरण और बढ़ावा के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम, विश्व स्तरीय और टिकाऊ वस्त्रों और परिधानों के लिए टेक्स-इको पहल और चुनौती के स्तर पर मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब से हमने 12 साल पहले सत्ता संभाली है, देश की आर्थिक स्थिति स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, लगातार विकास और कम महंगाई से पहचानी गई है। यह उन सोच-समझकर लिए गए फैसलों का नतीजा है जो हमने अनिश्चितता और मुश्किल समय में भी लिए हैं।
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