नईदिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आज गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 0.2 प्रतिशत गिरकर 61.62 डॉलर (लगभग 5,550 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.3 प्रतिशत फिसलकर 58.15 डॉलर (लगभग 5,200 रुपये) प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा है। कमजोर मांग और सप्लाई बढऩे की आशंका के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे पूरे सत्र में तेल की कीमतें नीचे बनी रहीं।
तेल की कीमतों पर दबाव की एक बड़ी वजह वेनेजुएला में क्रूड ऑयल प्रोडक्शन बढऩे की संभावना मानी जा रही है। बाजार को उम्मीद है कि अमेरिका की ओर से सख्ती कम होने पर वेनेजुएला का तेल वैश्विक बाजार में ज्यादा मात्रा में आ सकता है। इससे पहले से ही पर्याप्त सप्लाई वाले बाजार में और तेल जुडऩे की आशंका बनी है। इसी अनुमान ने निवेशकों को सतर्क किया और खरीदारी की रफ्तार को धीमा कर दिया।
बाजार में यह चर्चा भी है कि अमेरिका वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने को लेकर बातचीत कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की उपलब्धता और बढ़ सकती है। पिछले सत्र में भू-राजनीतिक कारणों से कीमतों में हल्की तेजी दिखी थी, लेकिन अब सप्लाई बढऩे की उम्मीद उस असर को खत्म करती नजर आ रही है। इसी कारण कीमतों पर एक बार फिर दबाव बन गया है।
आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें मांग और सप्लाई के संतुलन पर निर्भर रहेंगी। इस समय वैश्विक स्तर पर मांग कमजोर बनी हुई है, जबकि सप्लाई पर्याप्त बताई जा रही है। ऐसे माहौल में कीमतों में ज्यादा तेजी की गुंजाइश कम दिख रही है। निवेशक अब आर्थिक संकेतों और वैश्विक हालात पर नजर बनाए हुए हैं। बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन फिलहाल दबाव का रुख ज्यादा मजबूत माना जा रहा है।
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