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भगवान श्रीराम के जीवन में मिलते हैं जटिल प्रश्नों के उत्तर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

by Bhupendra Sahu

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जीवन को देखें तो अनेक जटिल प्रश्नों के उत्तर आसानी से मिल जाते हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के माध्यम से दुनिया में भारत का नाम है। जहां अंधेरा है, वहां प्रकाश फैलाना ही सनातन संस्कृति है। इसी भाव से हमारे आदर्श भगवान श्रीराम ने लाखों वर्ष पहले अन्याय और अत्याचार की समाप्ति के लिए कार्य किया। वैसे तो भारतीय सनातन संस्कृति में 33 करोड़ देवी-देवताओं का उल्लेख है, लेकिन भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से पूरे विश्व में भारत की पहचान बनी। ऐसे ऐतिहासिक आधार के कारण भारत विश्व गुरू की संज्ञा प्राप्त करता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर में अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रामायण काल में महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और संतों के यज्ञ में बाधा डालने वाले असुरों का अंत कराया। भगवान श्रीराम ने अपनी बुद्धि, पराक्रम के बल पर राजा जनक के दरबार में स्वयंवर जीता। भगवान श्रीराम ने निषादराज और शबरी माता के प्रसंगों से मित्रता एवं प्रेम का संदेश दिया है। राम राज्य का स्मरण करने से जीवन में कठिन से कठिन समय दूर हो जाता है। लगभग 550 वर्ष के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। महाराज रामभद्राचार्य की तर्क शक्ति से अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर जाबालि ऋषि की पावन भूमि है, यहां अंतर्राष्ट्रीय आयोजन होना उल्लेखनीय है। नर्मदा मैया और प्रकृति की लीला भी यहां देखने को मिलती है, जब काले पत्थर भी उज्ज्वल और धवल स्वरूप में संगमरमर के रूप में दिखाई देते हैं। प्रकांड विद्वान स्वामी रामभद्राचार्य जी का आशीर्वाद इस सम्मेलन को प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से इस सम्मेलन में पधारे देश-विदेश के प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

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