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जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में औद्योगिक माहौल बेहतर बनाने पर जोर

by Bhupendra Sahu

औद्योगिक निवेश को मिलेगा नया आयाम – युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार अवसर
कलेक्टर शर्मा ने कहा – स्थानीय युवाओं के लिए तैयार होंगे नए अवसर

बेमेतरा  कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में उद्योग विभाग अंतर्गत जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना, स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहित करना तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना से संबंधित प्रस्तावों की गहन समीक्षा करना रहा।
बैठक में कलेक्टर शर्मा ने कहा कि बेमेतरा जिला कृषि प्रधान और संसाधन संपन्न क्षेत्र है, जहां खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग, एग्री-बेस्ड यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज, हैंडीक्राफ्ट, हैंडलूम और सर्विस सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। यदि इन अवसरों का सही ढंग से उपयोग किया गया तो जिले में रोजगार के अवसर दोगुने होंगे और स्थानीय युवाओं को बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। एनओसी प्राप्ति, बिजली आपूर्ति, श्रम विभाग की औपचारिकताएं, पर्यावरण और वन विभाग की मंजूरियां जैसी प्रक्रियाएं एकल खिड़की (Single Window System) के माध्यम से तेज़ी से पूरी हों, ताकि निवेशकों को किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन निवेशकों और उद्यमियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों की स्थापना से न केवल जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बल्कि स्थानीय छोटे एवं मध्यम उद्यमियों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की बैठक में सभी संभावित निवेशकों और उद्यमियों को आमंत्रित किया जाएगा। उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर विश्वास और पारदर्शिता का माहौल तैयार किया जाएगा।
कलेक्टर शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन योजनाएं निवेशकों के लिए बहुत उपयोगी हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत भूमि, बिजली, कर रियायत, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। उद्योग विभाग को निर्देशित किया गया है कि इन योजनाओं की जानकारी गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुँचाई जाए, ताकि इच्छुक उद्यमी अधिक से अधिक लाभ ले सकें। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अब तक आए विभिन्न औद्योगिक प्रस्तावों की जानकारी प्रस्तुत की। निवेशकों को मिलने वाली रियायतों एवं सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने सुझाव दिया कि जिले की खास पहचान और उत्पादों (जैसे धान, सब्ज़ी, दुग्ध उत्पाद, हस्तशिल्प) के आधार पर क्लस्टर आधारित उद्योग स्थापित किए जाएँ, जिससे स्थानीय किसानों और कारीगरों को प्रत्यक्ष लाभ हो। इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेई, जिला उद्योग महाप्रबंधक श्री राकेश चौरसिया, प्रबंधक श्री लोकपाल खांडेकर सहित समिति के सदस्य एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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