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महतारी वंदन योजना बनी ग्रामीण महिलाओं का सहारा 18 किश्तों से श्रीपती नाग को मिली आर्थिक मजबूती

by Bhupendra Sahu

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज प्रदेश की महिलाओं के जीवन में स्थायी आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का आधार बन चुकी है।

योजना के अंतर्गत 1 मार्च 2024 से अब तक प्रदेश की 69.19 लाख से अधिक पात्र विवाहित महिलाओं को कुल 11,728 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की गई है। प्रत्येक महिला को प्रति माह 1,000 रुपये की राशि बिना किसी रुकावट के दी जा रही है। प्रदेश के सभी 33 जिलों में इस योजना का लाभ समान रूप से पहुंच रहा है, जिसमें सबसे अधिक लाभार्थी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और जांजगीर-चांपा जिलों में हैं।

बलरामपुर जिले के विकासखंड सुर्रा गांव की श्रीपती नाग इसका एक प्रेरक उदाहरण हैं। पहले खेती के लिए खाद-बीज की व्यवस्था में उन्हें और उनके पति को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। कई बार मौसम अनुकूल होने के बावजूद पैसों की कमी से समय पर बुआई नहीं हो पाती थी। बच्चों की जरूरतें टालकर खेती में निवेश करना उनकी मजबूरी बन जाता था।

महतारी वंदन योजना से जुड़ने के बाद श्रीपती नाग को अब तक 18 किश्तों में कुल 18,000 रुपये मिल चुके हैं। इस बार उन्होंने पूरी राशि का उपयोग धान की फसल की बुआई में किया, जिससे उन्हें उधार लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी। समय पर बुआई और पर्याप्त कृषि सामग्री उपलब्ध होने से अब उन्हें बेहतर पैदावार की उम्मीद है। श्रीपती नाग ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार जताते हुए कहा, महतारी वंदन योजना ने हमें केवल आर्थिक सहारा ही नहीं दिया, बल्कि मेहनत का बेहतर फल मिलने का विश्वास भी दिलाया है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ-साथ उन्हें परिवार और समाज में निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है। ग्रामीण अंचलों में महिलाएं इस राशि का उपयोग खेती, पशुपालन, स्वरोजगार और बच्चों की पढ़ाई में कर रही हैं।राज्य शासन की यह योजना न केवल परिवार की आय में सहायक है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मसम्मान, सामाजिक भागीदारी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। श्रीपती नाग जैसी हजारों महिलाएं इस योजना से प्रेरित होकर अपने और परिवार के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

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