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राखी के बाजार सजे, रक्षाबंधन 9 को

by Bhupendra Sahu

रायपुर। प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन पूर्णिमा के अवसर पर राजधानी सहित प्रदेश भर में रक्षाबंधन का त्यौहार धूमधाम से मनाने की तैयारियां जोरशोर से चल रही है। भाई बहन के इस पवित्र त्योहार के लिए शहर के गोल बाजार सदर बाजार रामसागर पारा गुढिय़ारी पुरानी बस्ती मालवीय रोड सहित शहर में स्थित माल्स में रंग बिरंगी राखियां एक रुपये से लेकर अधिकतम मूल्यों पर बेची जा रही है। शाम होते ही शहर की मालवीय रोड सदर बाजार एवं गोलबाजार की सड़कें खचाखच भीड़ से भर जाती है। दुकानदारों के अनुसार इस वर्ष भी सामायिक विषय पर आधारित राखी बहनें अधिक पसंद कर रही है। रक्षाबंधन 9 अगस्त को मनाया जाएगा। सदर बाजार में चांदी एवं प्लेटिनम राखियां आकर्षक डिजाइनों में उपलब्ध है। बहनें अपनी भाईयों की कलाई सजाने के लिए प्लेटिनम एवं चांदी की राखियां भी खरीद रही है। पौराणिक मान्यता के अनुसार यम की बहन यमुना ने संकट आने पर अपनी भाई से रक्षा का वचन लिया था और यमराज ने अपने वचन का पालन करते हुए यमुना की प्राण रक्षा की थी तब से यह पर्व रक्षाबंधन के रूप में सदियों से मनाया जा रहा है।

वहीं एक अन्य कथा के अनुसार द्वापर युग में द्रोपदी के चीरहरण के समय भगवान श्री कृष्ण ने उनकी पुकार सुनकर उनकी लाज रखी थी इसके पीछे भी श्री कृष्ण की ऊंगली में रक्त बहने पर अपनी साड़ी का हिस्सा काटकर द्रोपदी ने श्री कृष्ण की ऊंगली में बांधा था। उसी समय से भगवान श्री कृष्ण ने द्रोपदी को अपनी बहन के रूप में स्वीकार किया था। यह भाव भी रक्षाबंधन के दिन देखा जाता है। बहनें भाईयों के हाथों में राखी बांधती है बदले में उन्हें अपनी बहनों की रक्षा का वचन देना होता है इतिहास में ऐसे अनगिनत उदाहरण है जब राखी की एक डोर के लिए योद्धाओं ने अपनी बहनों की प्राण रक्षा करते हुए दुश्मन को हराया और कहीं कहीं पर रक्षा करते हुए प्राणों को त्याग दिया है।

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