Home » जम्मू-कश्मीर में दो प्रधान, दो निशान, दो झंडे अब कभी नहीं हो सकते : अमित शाह

जम्मू-कश्मीर में दो प्रधान, दो निशान, दो झंडे अब कभी नहीं हो सकते : अमित शाह

by Bhupendra Sahu

पद्देर नागसेनी । जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक उठा पटक जारी है। पार्टियां राज्य में होने वाले चुनावों में जीत के लिए विपक्षी पार्टियों पर हमलावर हैं। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के पद्देर नागसेनी शहर में गृहमंत्री अमित शाह ने एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर करारा निशाना साधा। उन्होंने कहा, अब जम्मू-कश्मीर में दो प्रधान, दो निशान, दो झंडे कभी नहीं हो सकते। झंडा एक ही हमारा प्यारा तिरंगा होगा।
इसके बाद उन्होंने पहाड़ी आरक्षण पर कहा, वह कह रहे है कि अगर हमारी सरकार आई तो हम आरक्षण पर पुनर्विचार करेगें। आप उनके झांसे में मत आइए, उनकी सरकार आई तो वह आरक्षण पर पुनर्विचार नहीं, बल्कि उसे हटा देंगे। जब पहाडिय़ों को आरक्षण देने की बात आई तो उन्होंने गुर्जरों को उकसाने का काम किया कि पहाडिय़ों को आरक्षण मिलेगा, तो गुर्जरों का आरक्षण जाएगा। हमने गुर्जर भाइयों से वादा किया था कि पहाडिय़ों को आरक्षण तो जरूर मिलेगा, लेकिन गुर्जर भाइयों का आरक्षण बिल्कुल भी कम नहीं होगा। आज गुर्जरों का आरक्षण जस का तस रख कर पहाडिय़ों को आरक्षण देने का काम नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है। पहाड़ पर बसे मैं सभी अभिभावकों को कहने आया हूं कि वो दिन अब लद गए, जब आपके बच्चों को ग्रेजुएशन में एडमिशन नहीं मिलता था। अब आपके बच्चे कलेक्टर और एसपी बनकर देश भर में काम करेंगे। यह अधिकार आपको नरेंद्र मोदी सरकार ने दिया है।
उन्होंने कहा, हमने देश में विभाजन के दिन भी देखे और घाटी में 1990 में आतंकवाद के दिन भी देखे। चंद्रकांत शर्मा हों या परिहार बंधु हों, इन सभी लोगों ने कुर्बानियां दी हैं। आज मैं इस क्षेत्र के सभी भाइयों को याद करते हुए आपसे वादा करता हूं कि आतंकवाद को इतने नीचे दफन करेंगे कि वह कभी बाहर नहीं आएगा।
00

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More