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आज भारत में होता है दुनिया का आधा रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन: पीएम मोदी

by Bhupendra Sahu

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मुंबई स्थिति जियो व?र्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 में शामिल हुए. इस दौरान पीएम मोदी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि, भारत में अभी त्योहारों का मौसम है, अभी अभी जन्माष्टमी हमने मनाई है और खुशी देखिए हमारी इकॉनोमी और मार्केट में भी उत्सव का माहौल है. इस फेस्टिव मूड में ये ग्लोबल फिनटेक फैस्टिवल हो रहो रहा है वो भी सपनों की नगरी मुंबई में. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि, एयरपोर्ट से लेकर फूड और शॉपिंग एक्सपीरियंस तक तक भारत की फिनटेक क्रांति चारों तरफ दिखती है, पिछले 10 साल में फिनटेक स्पेस में 31 बिलियन डॉलर से ज्यादा का निवेश हुआ है. दस साल में हमारे फिनटेक स्टार्टअप में 500 प्रतिशत वृद्धि हुई है, सस्ते मोबाइल फोन, सस्ते डेटा और जीरो बैलेंस जनधन खातों ने भारत में कमाल कर दिया है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि एक दशक में ही ब्रॉडबैंड यूजर 6 करोड़ से बढ़कर 94 करोड़ हो गए हैं. आज 18 वर्ष से ऊपर का शायद ही कोई भारतीय हो जिसके पास उसकी डिजिटल आइडेंटिटी आधार कार्ड नहीं है. आज 530 मिलियन (53 करोड़) लोगों के पास जनधन खाते हो गए हैं. यानी दस साल में हमने पूरी यूरोपियन आबादी के बराबर लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा है.
पीएम मोदी ने कहा कि जनधन-आधार- मोबाइल की त्रिनीति ने एक और ट्रांसफॉर्मेशन को गति दी है., कभी लोग कहते थे कि कैश इज किंग, आज दुनिया का करीब-करीब आधा रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहा है. दुनिया का भारत का यूपीआई फिनटेक का बहुत बड़ा उदाहरण बन गया है. आज गांव हो या शहर, सर्दी हो या गर्मी, बारिश हो या बर्फ गिर रही हो, भारत में बैंकिंग सर्विस चौबीस घंटे, सातों दिन, 12 महीने चलती रहती है. कोरोना के इतने बड़े संकट के दौरान भी भारत दुनिया के उन देशों में था जहां हमारी बैंकिंग सर्विस बना किसी दिक्कत के चलती रही.
पीएम मोदी ने कहा कि अभी दो तीन दिन पहले ही जनधन योजना के 10 साल पूरे हुए हैं. जनधन योजना महिला सशक्तिकरण का बहुत बड़ा माध्यम बनी है, जनधन योजना के चलते करीब 29 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खुले हैं, इन खातों में महिलाओं के लिए शेविंग और इनवेस्टमेंट के लिए नए अवसर बनाए हैं. इन्हीं जनधन खातों की फिलोसॉफी पर हमने माइक्रो फाइनेंस की सबसे बड़ी स्कीम मुद्रा लॉन्च की. इस स्कीम से अभी तक 27 ट्रिलियन रुपये से अधिक का क्रेडिट दिया जा चुका है. इस स्कीम की करीब 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं.
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