नईदिल्ली । मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ है. सेबी चीफ के बयान के बाद आज के सत्र में मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में जोरदार बिकवाली देखने को मिली है. सरकारी बैंकों और सरकारी पीएसयू शेयरों में जोरदार मुनाफावसूली रही जिसके चलते बाजार का मूड बिगड़ गया. आज का कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स जहां 165 अंकों के उछाल के साथ 73,667 अंकों पर बंद हुआ है. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी केवल 3 अंकों की बढ़त के साथ 22,335 अंकों पर बंद हुआ है.
भारतीय शेयर बाजार के दोनों ही प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में बंद हुए. लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप सेक्टर के स्टॉक्स में भारी गिरावट के चलते बीएसई पर लिस्टेड शेयरों के मार्केट कैपिटलाईजेशन में बड़ी कमी आई है. बीएसई पर लिस्टेड स्टॉक्स का मार्केट वैल्यू घटकर 385.57 लाख करोड़ रुपये पर आ गया जो पिछले सत्र में 389.60 लाख करोड़ रुपये रहा था. यानि आज के सत्र में निवेशकों को 4.03 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
आज के कारोबारी में मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स पर सबसे ज्यादा गिरावट की मार पड़ी है. निफ्टी का मिडकैप इंडेक्स 687 अंक या 1.41 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ है. स्मॉल कैप इंडेक्स 305 अंकों की गिरावट के साथ क्लोज हुआ है जबकि निफ्टी का नेक्स्ट 50 933 अंक गिरकर बंद हुआ है. सेक्टर्स में एफएमसीजी बैंकिंग, ऑटो, फार्मा, मेटल्स, रियल एस्टेट, एनर्जी, कंज्यूमर ड्यरेबल्स, हेल्थकेयर स्टॉक्स गिरावट के साथ बंद हुए.
आज के कारोबार में एचडीएफसी बैंक ने बाजार को बड़ी गिरावट देखने से बचा लिया और इसका स्टॉक 2.30 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ है. इसके अलावा टीसीएस 1.69 फीसदी, मारुति सुजुकी 0.92 फीसदी, इंफोसिस 0.80 फीसदी, रिलायंस 0.65 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुआ है. जबकि एसबीआई 1.82 फीसदी, आईटीसी 1.26 फीसदी गिरकर बंद हुआ है.
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