नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की बुनियादी ढांचा, सड़क, रेल, अंतरिक्ष और ऊर्जा सहित हर क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं जो देश को विकसित भारत बनने की यात्रा की साक्षी हैं। गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की तस्वीर बदलने और विकसित भारत बनाने के लिए प्रतिबद्धित रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संकल्प लिया था कि देश की जनता ने देश चलाने के लिए नहीं, अपितु देश बदलने और बनाने के लिए एक सौभाग्यपूर्ण अवसर प्रदान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा था कि देश को बदलने का मार्ग गरीबों, ग्रामीणों, पीडि़तों, वंचितों और शोषितों के जीवन में परिवर्तन होने से होकर गुजरता है। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया था कि देश की आधारभूत संरचनाओं और बुनियादी ढांचे का विकास कर भविष्य के भारत की नींव डाली जाएगी।
गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सरकार में गरीब के जीवन में परिवर्तन आया है। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 वर्षों में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं, दूसरी तरफ देश ने भाजपा के कार्यकाल में आधारभूत अवसंरचनाओं के निर्माण में क्रांतिकरी परिवर्तन हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्पष्ट रूप से मानना है कि किसी भी देश के विकास के लिए अवसरंचना निर्माण परिचालन का सिर्फ साधन नहीं बल्कि उस देश की सतत और समावेशी वृद्धि का माध्यम होता है। शेखावत ने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा था कि ये कहना गलत है कि अमेरिका एक आर्थिक रूप से संपन्न देश है, इसलिए वहां की सड़कें अच्छी हैं, बल्कि सत्य तो यह है कि अमेरिका की सड़कें अच्छी थीं, इसलिए अमेरिका एक संपन्न देश बना पाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की शुरुआत 2023 में की है लेकिन यह भी सत्य है कि उन्होंने इसकी तैयारी 2014 में प्रधानमंत्री पद संभालते ही शुरू कर दी थी।गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेतृत्व में आधारभूत संरचना के निर्माण की इस शृंखला में आधारभूत संरचना के विभिन्न घटक जैसे रेलवे, सड़क, जलमार्ग, वायुमार्ग, ऊर्जा और उपग्रह सहित सभी मोर्चों पर अभूतपूर्व काम किए गए हैं। पिछले 9 वर्षों में आधारभूत संरचना के निर्माण पर भारत सरकार ने ?34 लाख करोड़ खर्च किए हैं और पिछले 1 वर्ष में इस क्षेत्र में ?10 लाख करोड़ का निवेश किया गया, जो 2013-14 की तुलना में कई गुना अधिक है।
इस साल भी 2024-25 के बजट की घोषणा में पूंजीगत व्यय पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने ?11 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं अगर सामान्यत: अगर आर्थिक जगत की परिभाषा या उनके आंकलन के अनुरूप अध्ययन किया जाए तो पता चलता है कि आधारभूत संरचना पर खर्च की गई राशि का उस साल की जीडीपी पर 2.45 गुना प्रभाव पड़ता है और आगामी वर्षों में ये प्रभाव बढ़कर लगभग 3.5 गुना तक हो जाएगा। गजेन्द्र सिंह शेखवात ने कहा कि आरबीआई के अनुसार पूंजीगत व्यय में निवेश किए गए प्रत्येक रुपए से ?3.25 उत्पादकता बढ़ती है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जिस तरह से आधारभूत संरचना के विकास के लिए काम हुआ है उसके चलते निश्चित ही भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई ऊंचाईयों को छू रहा है। विश्व के कई वित्तीय संस्थानों के अध्ययन के अनुसार, भारत आज विश्व में सबसे तेज गति से बढऩे वाली अर्थव्यवस्था मात्र इसीलिए बन पाया है क्योंकि भारत ने अपनी आधारभूत संरचना पर निवेश को न केवल सुदृढ़ किया है, अपितु इसे निरंतरता भी दी है। श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सड़क के क्षेत्र की बात करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने आपने कार्यकाल के दौरान इस लक्ष्य और दूर दृष्टि के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को शुरू किया कि गांव के विकास का मार्ग सड़क निर्माण के जरिए होकर जाता है। गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पिछले 9 वर्षों के कार्यकाल में लगभग 4 लाख किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें बनी है। देश में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 68 वर्षों में मात्र 90 हजार किलोमीटर थी आज मात्र 10 वर्षों में ये लंबाई 56त्न बढ़कर 1 लाख 46 हजार किलोमीटक हो गई है। पिछले 10 वर्षों में देश में 4 लेन एक्सप्रेस वे की लंबाई है 2.5 गुना बढ़ी है और हाई स्पीड गलियारे की लंबाई 8 गुना बढ़कर 4000 किलोमीटर हो गई है।
शेखावत ने कहा कि जहां एक तरफ देश के आम नागरिक की एयरपोर्ट तक पहुँच बढ़ाने की संकल्पना को पूरा करने के लिए हवाई किराये को कम किया गया है वहीं दूसरी तरफ पिछले 9 वर्षों में देश ने एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में एक अभूतपूर्व छलांग लगाई है। हवाई अड्डों की संख्या जहां पहले केवल 74 थी वह आज 150 के करीब है। इसी कड़ी में देश में जलमार्ग को बढ़ाने के दृष्टिकोण से सागरमाला परियोजना के माध्यम से देश के बंदरगाहों को सुदृढ़ करने की दिशा में काम किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यह स्पष्ट सोच कि हमारे तटीय क्षेत्र हमारे विकास का द्वार है और वहां आधारभूत संरचना को सुदृढ़ कर के हम आर्थिक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सशक्त कदम आगे बढ़ा सकते हैं। रेलवे प्रक्षेत्र में में हो रहे अभूतपूर्व विकास पर प्रकाश डालते हुए शेखावत ने कहा कि पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जहां एक ओर वंदे भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक सेमी हाई स्पीड ट्रेन संचालित हो रही हैं, वही दूसरी ओर रेल मार्गों के विद्युतीकरण में अकल्पनीय काम हुआ है। आज देश के लगभग 90 प्रतिशत रेल मार्गों का विद्युतीकरण हो चुका है। शेखावत ने कहा कि भारत ने सोलर एनर्जी और नवीनीकरणीय ऊर्जा के उत्पादन में विश्व के मानचित्र पर अपने आप को स्थापित किया है।
इसी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हाइड्रोकार्बन फ्यूल पर निर्भरता को कम करने के लक्ष्य को प्राप्त किया है। आज भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हैं जिन्होनें अपनी ग्रीन हाइड्रोजन निर्माण की पॉलिसी को न केवल घोषित किया बल्कि उस दिशा में तेज गति से काम भी किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी की दिशा में उठाए गए कदम भारत में ऊर्जा की पूर्ति के साथ आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में देश को विश्व में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में स्थापित करेगा। आने वाले समय में भारत दुनिया में ऊर्जा निर्यातक देश के रूप में उभरकर सामने आएगा। शेखावत ने कहा कि उपग्रह प्रक्षेपण में भारत आज पहले स्थान पर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में जनता को निवेश के मौके देकर निजी संभावनाएं बढ़ाईं हैं और पूरे विश्व में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिखी गई भारत के नव निर्माण पटकथा और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए उठाए कदम दर्शाते हैं कि देश आज बुनियादी ढांचे में विकास के माध्यम से विकसित होने की दिशा में बड़ी छलांग रहा है। आज देश न केवल अपनी आवश्यकताओं की खुद पूर्ति कर रहा है, अपितु विश्व के विकास की नई दिशा भी तय कर रहा है। बुनियादी ढांचे के अलावा भारत अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से विकास कर रहा है। ये विकास पूरे संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय किए गए सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा कर रहा है।
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