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टीएमसी पार्टी गुंडों की पार्टी है, कल राजघाट पर इसका प्रमाण दे दिया : शुभेंदु अधिकारी

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी ने पश्चिम बंगाल में पिछले 12 सालों से ज्यादा समय से सत्ता में है। अब टीएमसी राष्टीय पार्टी नहीं रही है वह एक क्षेत्रीय पार्टी है लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता को गुमराह कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस केंद्रीय योजनाओं में पैसा नहीं मिलने को लेकर गंदी राजनीति कर रहा है।

राजघाट कमिटी से अनुमति लिए बगैर टीएमसी कार्यकताओं ने महात्मा गांधी के समाधी स्थल राजघाट पहुंचकर हुडदंग मचाया है, वो बहुत ही दुखद है। पूरी देश से राजघाट आकर महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं, उन लोगों के साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं ने लगभग ढाई-तीन घंटे तक दुर्व्यवहार किया, जो बहुत ही निंदनीय है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि टीएमसी पार्टी गुंडों की पार्टी है, कल राजघाट पर इसका प्रमाण दे दिया है। यह पार्टी आई.एन.डी.आई.ए.. का हिस्सा है। टीएमसी तीन एजेंडा है- परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण है। ममता बनर्जी की पार्टी विकास नहीं करती है।
पश्चिम बंगाल में केंद्रीय योजनाओं की डिलवरी जमीन स्तर पर नहीं हो रहा है और ना ही अंतिम आदमी तक हो रहा है। ममता बनर्जी की सरकार जन कल्याण की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने में इच्छुक नहीं रहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों, महिलाओं, युवाओं एवं किसानों के कल्याण एवं विकास के लिए कई योजनाएं शुरू की है। ममता बनर्जी की सरकार ने उनमें कई योजनाओं को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया है। जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पश्चिम बंगाल में लागू नहीं है। सीएम ममता बनर्जी ने 2019 से इस योजना को बंद कर दिया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं है। पश्चिम बंगाल में साथ दो साथी कार्ड स्वास्थ्य योजना लागू है किन्तु इस कार्ड से अन्य राज्यों में इलाज नहीं करा सकते हैं। जबकि तमिलनाडु के सीएमसी वेल्लौर अस्पताल, मुम्बई के टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पीटल आदि जगहों पर पश्चिम बंगाल के मरीज इलाज कराते हैं।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी हर योजना एवं हर मुद्दा में राजनीति करती हैं और प्रधानमंत्री पद की दौड़ में षामिल रहती है। टीएमसी गोवा विधानसभा चुनाव लड़ा और टीमएसी के सभी उम्मीदवारों का जमानत जब्त हो गया। गोवा के बाद त्रिपुरा के नगर निगम का चुनाव हुआ और टीएमसी को बूरा हाल रहा। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में टीएमसी उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले थे। राज्यों के विधानसभा चुनावों में टीएमसी बूरी तरह नकार दिया गया, तब टीएमसी आई,एन,डी,आई,ए. में शामिल हो गयी। पश्चिम बंगाल में शासनिक-प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुष लगाने के लिए न्यायालय को संज्ञान लेना पड़ा। भारतीय जनता पार्टी और अन्य युवाओ का संगठन ने पिछले कई वर्षों से संघर्ष कर रहा है।भ्रष्टाचार और परिवारवाद के कारण टीएमसी का जनाधार खिसकने लगा, तो टीएमसी दिल्ली में नकली राजनैतिक आंदोलन चला रहा है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नवंबर 2022 को आधारकार्ड से जोड़े बगैर लगभग 3.88 करोड़ मनरेगा जॉब कार्ड बना था। 30 सितंबर 2023 तक आधारकार्ड से मनरेगा जॉब कार्ड को जोडा गया तब मनरेगा जॉब कार्ड की संख्या लगभग 2.56 करोड़ रह गया। आधारकार्ड से लिंक करने के बाद लगभग 1.32 करोड़ मनरेगा जॉब कार्ड को रद्द किया गया। इसमें ज्यादातर फर्जी जॉब कार्ड साउथ 24 परगना में 38 लाख जॉब कार्ड में से 15 लाख जॉब कार्ड फर्जी निकला। मनरेगा का 23.50 लाख जॉब कार्ड को पूरी तरह से रद्द कर के पीछे कारण बताया गया कि फर्जी जॉब कार्ड, डिलिटेड जॉब कार्ड, परिवार में उस नाम का कोई सदस्य नहीं है, उस नाम का व्यक्ति मनरेगा में काम नहीं करना चाहता है। वहीं 1.32 करोड़ जॉब कार्ड में से 23.50 लाख कार्ड को हटा दीजिए तो एक करोड़ से ज्यादा मनरेगा जॉब कार्ड को किसी न किसी कारण बताकर रद्द किया गया। पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता प्रतिपक्ष होने के नाते दस्तावेजी सबूत देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को प़त्र लिखकर इसकी षिकायत दर्ज करायी है। इसके बाद 20 से ज्यादा केंद्रीय जांच टीम सहित एनजीओ ने पश्चिम बंगाल में आकर सोषल ऑडिट किया। जांच टीम के रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ कि एक करोड़ से ज्यादा फर्जी मनरेगा जॉब कार्ड के माध्यम से हजार करोड़ रूप्ए से अधिक का भ्रष्टाचार और घोटाला किया गया है। इन सब रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मनरेगा एक्ट की धारा-27 लगाकर पश्चिम बंगाल को पैसा देने पर रोक लगाया, क्योंकि देश की जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा से गरीबों को रोजगार देने की योजना मनरेगा चलती है। नरेगा के लिए यूपीए शासन काल में पश्चिम बंगाल को 14.985 करोड़ रूप्ए मिला, जबकि टीएमसी भी उस वक्त यूपीए सरकार में शामिल थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के दौरान 54.150 करोड़ रूप्ए पश्चिम बंगाल को मिला। एक करोड़ से ज्यादा फर्जी मनरेगा जॉब कार्ड के माध्यम से 4-5 हजार करोड़ रूप्ए से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ और उसे टीमएसी के मालिक और मालिकिन के घर और पार्टी कार्यालय में पहुंचा दिया। ग्रेट भतीजा उस लूट के पैसे को देश से बाहर भेज दिया। यह बहुत बड़ा घोटाला है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं आज 4 बजे केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के केंद्रीय राज्यमंत्री निरंजना ज्योति से मुलाकात करेंगे, क्योंकि कैबिनेट मंत्री आज दिल्ली में नहीं है। केंद्रीय राज्यमंत्री से मुलाकातर करके मनरेगा घोटाले की सीबीआई जांच कराने की मांग करेंगे। क्योंकि मनरेगा जनता को संवैधानिक अधिकार देने वाली योजना है। सरकार को रोजगार देने की जिम्मेदारी है और यह शतप्रतिशत केंद्र सरकार के फंड से चलता है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आजादी के बाद यह एक अनोखा भ्रष्टाचार का प्रकरण है, जहां हजारो टीएमसी पंचायत प्रधान मनरेगा घोटाला में संलिप्त हैं। पंचायत प्रधान ही मनरेगा योजना में जॉब कार्ड के जारी करने के लिए अधिकृत हैं। जिला अधिकार भी मनरेगा घोटाले में शामिल हैं क्योंकि जिला अधिकारी मनरेगा योजना के लिए फंड जारी करता है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मनरेगा में रोजगार देने में घोटाला हो रहा है जबकि पष्चिम बंगाल में दो करोड़ युवा बेरोजगार हैं। पिछले 12 सालों से राज्य में औद्योगिककरण नहीं हो रहा है। राज्य में नए पोर्ट, एयरपोर्ट सहित उद्योग के लिए अन्य सुविधाओं का विकास नहीं हो रहा है। इंदिरा गांधी आवासय योजना के लिए यूपीए की सरकार में पश्चिम बंगाल को 4.466 करोड़ रूप्ए मिला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार में 30 हजार करोड़ रूप्ए पश्चिम बंगाल को दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में हवाई जहाज से लाकर दिल्ली में होटलो ंमें ठहराया गया और केंद्र सरकार पर गलत आरोप लगाकर दिल्ली मे टीएमसी डामाबाजी कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने सीएम ममता बनर्जी की सरकार से सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को 30 हजार करोड़ रूप्ए दिया तो गरीबों को घर क्यों नहीं मिला? टीएमसी अपने कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पहुंचाया। उनको भी आवास मिला, जिनके पास दो मंजिले मकान हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित होने वाले फर्जी लोगों की सूची बनाकर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजा था। इसके बाद 18 से अधिक जांच टीम पश्चिम बंगाल के 15 जिलों में जाकर जांच की। इसकी जांच करने के बाद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह ने पत्र लिखकर बताया कि फर्जी बताए गए लाभार्थियों की सूची शतप्रतिशत सत्य है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि टीएमसी अपने खिसकते हुए वोट बैंक को बचाने के लिए भ्रष्टाचारी और परिवारवादी दिल्ली में डामा कर रहा है। टीएमसी ने अपने भ्रष्टाचार और परिवारवाद को बचाने के लिए इंडी गठबंधन नहीं, बल्कि ठगबंधन बनाया है। यह घमंडिया गठबंधन को जनता ठग बंधन बता रही है, इसके साथ जनता का कोई रिस्ता से नहीं है। फूआ-भतीजा राज चोरी और भ्रष्टाचार करेगा तबतक भारतीय जनता पार्टी विरोध करेगी।
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