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अदिति आखिरी दौर में फिसली, महिला गोल्फ में रजत से होना पड़ा संतुष्ट

by Bhupendra Sahu

हांगझोउ। भारतीय गोल्फर अदिति अशोक एशियाई खेलों की महिला गोल्फ स्पर्धा के आखिरी दिन रविवार को यहां अपनी लय बरकरार नहीं रखी सकी और 73 का निराशाजनक कार्ड खेलकर रजत पदक अपने नाम किया।
महिला गोल्फ में यह भारत का पहला पदक है।
अदिति के पास तीसरे दौर के बाद तालिका में शीर्ष पर सात शॉट की बड़ी बढ़त थी। उन्होंने एक बर्डी के मुकाबले चार बोगी और एक डबल बोगी कर के इस बढ़त को गंवा दिया और दूसरे स्थान पर खिसक गयी।
इस पच्चीस साल की खिलाड़ी का कुल स्कोर 17 अंडर 271 रहा। थाईलैंड की अर्पिचया युबोल ने सप्ताह का सर्वश्रेष्ठ 64 का कार्ड खेल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कोरिया की ह्युनजो यू ने भी 65 का शानदार कार्ड खेलकर कांस्य पदक जीता।
इस स्पर्धा में भाग ले रही भारत की दो अन्य महिलाएं प्राणवी उर्स (13वां स्थान) और अवनी प्रशांत (संयुक्त 18वां स्थान) ने भी आखिरी दिन निराशा किया। प्राणवी ने 75 जबकि अवनी ने 76 का कार्ड खेला जिससे भारत टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर खिसककर पदक से चूक गयी।
अदिति स्वर्ण पदक से चूक गयी लेकिन दो बार की इस ओलंपिक खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। वह तोक्यो ओलंपिक में भी मामूली अंतर से पिछड़ कर चौथे स्थान पर रही थी।
यह गोल्फ में भारत का चौथा व्यक्तिगत पदक था। लक्ष्मण सिंह और शिव कपूर ने 1982 और 2002 सत्र में स्वर्ण पदक जीता था जबकि राजीव मेहता ने नयी दिल्ली (1982) में रजत पदक जीता था।
लक्ष्मण, राजीव, ऋषि नारायण और अमित लूथरा की भारतीय टीम ने 1982 में टीम स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने दोहा और ग्वांगझू में 2006 और 2010 सत्र में टीम स्पर्धा का रजत पदक हासिल किया था।
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