Home » बंगाल में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे हैं अपराध, चुप क्यों है आईएनडीआईए गठबंधन : मीनाक्षी लेखी

बंगाल में महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे हैं अपराध, चुप क्यों है आईएनडीआईए गठबंधन : मीनाक्षी लेखी

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में रेप के बाद एक लड़की की जलाकर की गई विभत्स हत्या को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि देवी की पूजा और महिलाओं का सम्मान करने वाले बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ रही है, लगातार बलात्कार की घटनाएं सामने आ रही हैं और इसके लिए राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिम्मेदार है।

लेखी ने महिलाओं के खिलाफ बंगाल में हुए कई आपराधिक वारदातों का जिक्र करते हुए अन्य विपक्षी दलों के रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं पर आईएनडीआईए वाले भी कुछ नहीं बोलते हैं, ऐसा लगता है कि उनके लिए बंगाल भारत का हिस्सा ही नहीं है। उन्होंने बिना नाम लिए प्रियंका गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए लेखी ने कहा कि पितृपक्ष शुरू हो चुका है और देवी पक्ष शुरू होने वाला है, लेकिन ऐसे समय में बंगाल में यह दुखदायी घटना (महिलाओं के खिलाफ अपराध) देखने को मिल रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय ममता बनर्जी अपने बयान से पीडि़तों को ही कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करती है।

उन्होंने कहा कि मां, माटी और मानुष की बात करने वाली ममता बनर्जी ने आज बंगाल के देवी क्षेत्र को बम, बुलेट और बेटी के साथ अन्याय में बदल दिया है। बंगाल में जो हो रहा है, उसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि जब आप बलात्कारियों को शरण देंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई कमजोर होगी, तो लगातार इस तरह की घटनाएं बढ़ेंगी ही। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ जिस राज्य में भी अपराध हो, वहां दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई हो। जो लोग हाथरस गए थे उन्हें बंगाल जाकर भी वहां की सरकार से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करनी चाहिए। इन लोगों को बिना पक्षपात के हर उस जगह पर जाना चाहिए, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहा हो। लेखी ने बंगाल के साथ-साथ राजस्थान और छत्तीसगढ़ के हालात को लेकर भी निशाना साधा।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More